जेल से स्वतंत्रता दिवस पर 16 कैदी रिहा, हत्या के मामलों में काट रहे थे सजा

Aug 16 2025

ग्वालियर। केंद्रीय कारागार से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 16 कैदियों को रिहा किया गया। सभी हत्या के मामले में दोषी थे और 20 साल की सजा काट रहे थे। इनमें से ज्यादातर ने 14 साल से अधिक समय जेल में बिताया था। अच्छे आचरण के चलते उनकी शेष सजा माफ कर दी गई। रिहा कैदियों में कोई महिला शामिल नहीं थी, जबकि एक कैदी पर झांसी में मामला दर्ज होने से उसे वहां भेजा गया।
जेल अधीक्षक विदित सरवरिया ने बताया कि रिहा होने वाले कैदियों में रामप्रकाश पुत्र मुन्नूलाल दोहरे, कल्लू उर्फ बृजेश पुत्र रूपनारायण, जगदीश पुत्र रामसिंह खटीक, प्रिय ओमवरन पुत्र गयाराम, पवन पुत्र सुरेश पाठक, मोनू पुत्र चंद्रकांत, वीरसिंह पुत्र नन्नू लाल, गौतम पुत्र माधौसिंह कुशवाह, मनोज पुत्र ओमप्रकाश सेन, श्रीपत पुत्र चुन्नीलाल यादव, मुनीम पुत्र रामेश्वर राजपूत, शिवराज पुत्र रामभरोसे राजपूत, प्रदीप पुत्र हरिसिंह गुर्जर, पंजाब पुत्र बादाम गुर्जर और प्रिंस पुत्र उमी खंगार शामिल हैं।
 इनमें से प्रिंस को ग्वालियर जेल में सजा पूरी हो जाने से यहां से रिहा किया गया, लेकिन उत्तर प्रदेश के अपराध में सजा होने के कारण उसे झांसी की जेल भेजा जाएगा। 
अपराध से दूर रहने का संकल्प
रिहा हुए कैदियों में से एक ने बताया कि वह धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। एटम में हुए विवाद के दौरान दो लोगों की हत्या के मामले में उन्हें सजा मिली थी। लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल होने के कारण उन्हें दोषी ठहराया गया। उन्होंने 14 साल 4 महीने जेल में बिताए और अब खेती-किसानी कर अपराध की दुनिया से दूर रहने का संकल्प लिया है। जेल प्रशासन ने सभी रिहा कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जुडक़र नया जीवन शुरू करने की सलाह दी।