आदिवासी दिवस$ पर पारंपरिक वेशभूषा में निकला चल समारोह

Aug 09 2025

ग्वालियर। उरांव एवं अन्य आदिवासी समाज संगठन समिति की ओर से विश्व आदिवासी दिवस पर शनिवार को फूलबाग मैदान से चल समारोह डीजे के साथ निकल गया। रैली में रास्ते भर आदिवासी बंधुओं ने अपने पारंपरिक तीर धनुष के संधान का साहसिक प्रदर्शन किया।
समिति के सचिव रामेश्वर राम पटेल ने बताया कि चल समारोह में वनांचल के पारंपरिक वाद्ययंत्रों की सुरीली ध्वनि पर युवक युवतियां लोकगीत गाते हुए थिरके। रास्ते में कई संस्थाओं ने इनका स्वागत किया। फूलबाग मैदान से शुरू होकर चल समारोह रेलवे स्टेशन, गांधी रोड, शास्त्री नगर विवेकानंद चौराहा होते हुए अजाक्स कार्यालय पहुंचा। यहां ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, समिति के संरक्षक महेशराम भगत, अध्यक्ष जगपति भगत, सचिव रामेश्वर राम पटेल, मुकेश मौर्य, विनोद बड़ा, ख्रिस्तोफर तिर्की, विपिन टोप्पो नीलकुसुम लकड़ा, राधेश्याम भगत, बाणेश्वर भगत ने आदिवासी वर्ग के महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
इसके बाद विभिन्न टोलियों ने हाय रे सरगुजा नाचे...छोटा नागपुर हाय रे हीरा नागपुर...जैसे गीतों पर नृत्य प्रस्तुति दी, तो वहीं ऊर्जा मंत्री व भाजपा जिलाध्यक्ष ने पुष्पवर्षा कर सभी का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष जगपति भगत ने कहा कि आदिवासी लोग न केवल अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाए हुए हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस दौरान सचिव रामेश्वर राम पटेल ने उपस्थित समाजबंधुओं को संकल्प दिलाया कि हम आदिवासी समाज के अधिकारों का सम्मान करेंगे, उनकी परंपराओं को सहेजेंगे और विकास में भी योगदान देंगे।
इस अवसर पर जतरू राम भगत, ऊषा भगत, पार्वती पटेल, सुवन्ती भगत, कमला भगत, चनमन राम, उमाशंकर राम, सावित्री भगत, बसन्ती भगत, सुखराम भगत, सुखदेव राम, गुरूचरण राम, विजेन्द्र कुमार, संजीता भगत, भिन्सु राम, रामेश्वरी भगत, जगजीवन राम, लालसाय राम, बिरसराय राम भगत, लालमन्ती भगत, पारसनाथ राम भगत, मंजू भगत, विनोद बड़ा, ख्रीस्तोफर तिर्की, निखिल कुजूर, बुधनाथ राम भगत, मुकुंद राम भगत, सुरेन्द्र राम भगत, पकलू राम, केश्वर राम, रामकुमार भगत, मदन राम, शरण राम भगत, विजय कुमार भगत आदि उपस्थित रहे।