संस्कृत भाषा सबसे वैज्ञानिक:कुलगुरु प्रो. राजकुमार

Aug 08 2025

ग्वालियर। संस्कृत भाषा सबसे वैज्ञानिक है। लेकिन कालांतर में जो बदलाव आया है, उसने हमारी मेधावियों को प्रभावित किया है। जबकि हम जड़ और चैतन्य को भी कल्याण की भावना से देखने वाले हैं। यह बात जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने संस्कृत सप्ताह महोत्सव का शुभारंभकरते हुए बतौर मुख्य अतिथि कही।
यह कार्यक्रम आइआइटीटीएम सभागार में मप्र परशुराम कल्याण बोर्ड की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने की। 
मुख्य अतिथि ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ परिवारों में भी संस्कृत संभाषण को सिखाने का काम करें। कार्यक्रम संयोजक डा. दिलीप समाधिया ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा से ही सभी वर्गों को रास्ता दिखाने का काम किया है। जिलाध्यक्ष राजौरिया ने कहा कि जिन लोगों ने हमारे संस्कार और संस्कृति को तहस नहस करने का काम किया है, उन्हें युवा पीढ़ी आइना दिखाए। वे जिस फील्ड में जाएं, उसमें भारत को विकसित बनाने का काम करें। बोर्ड के संभागीय प्रभारी डा. दिलीप समाधिया ने प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्राचार्य डा. मनीष खेमरिया, प्रो. हेमंत शर्मा, केशव पांडे, डा. सौरभ दीक्षित, डा. दिलीप समाधिन मौजूद रहे।