एचडीएफसी बैंक ने नागरिकों को एपीके धोखाधड़ी से सावधान रहने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया

Aug 07 2025

 ग्वालियर। एचडीएफसी बैंक ने ग्राहकों को एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य ग्राहकों की सुरक्षा के लिए ऐसी धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

एपीके घोटाले में धोखेबाज आमतौर पर बैंक कर्मचारियों या सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करके सोशल इंजीनियरिंग रणनीति का इस्तेमाल करते हैं। इसमें संदेश प्राप्तकर्ता को एक फर्जी एपीके फाइल प्राप्त होती है जो विश्वसनीय स्रोतों से होने का दावा करती है। जब कोई व्यक्ति इन फाइलों को इंस्टॉल करता है तो धोखेबाज उनके फोन पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेता है। फिर धोखेबाज कॉल और टेक्स्ट संदेशों को किसी अन्य डिवाइस पर रीडायरेक्ट कर सकता है और पीडि़तों के फ़ोन से डेटा चुरा सकता है। धोखेबाज पीडि़त के बैंक खाते(खातों) तक भी पहुँच सकते हैं और उनकी सहमति के बिना लेनदेन कर सकते हैं।
बतादें कि धोखेबाज आमतौर पर सरकारी अधिकारियों, बैंकों या जानी-मानी कंपनियों के कर्मचारियों का रूप धारण करके री-केवाईसी, ट्रैफिक़ जुर्माना भरने, आयकर वापसी आदि का झांसा देते हैं। पीडि़त को एक फज़ऱ्ी एपीके लिंक वाला संदेश भेजा जाता है। जैसे ही पीडि़त लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल फ़ोन में एक मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिसकी उसे जानकारी नहीं होती। इससे धोखेबाज़ को इस मैलवेयर के ज़रिए पीडि़त के फ़ोन तक पूरी पहुँच मिल जाती है। इसके बाद आमतौर पर अगले कुछ ही मिनटों में, कई अनधिकृत लेनदेन होते हैं, जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान होता है। पीडि़त को अपने खाते से पैसे डेबिट होने के बैंक से संदेश मिलने पर पता चलता है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
एचडीएफसी बैंक ग्राहकों से डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी जैसे घोटालों से भी सतर्क रहने का आग्रह करता है। ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने की स्थिति में पीडि़त को तुरंत बैंक को अनधिकृत लेनदेन की सूचना देनी चाहिए ताकि भुगतान माध्यम, यानी कार्ड/यूपीआई/नेट बैंकिंग, को ब्लॉक किया जा सके। ग्राहकों को गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा शुरू किए गए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके धोखाधड़ी की जानकारी देने के साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करनी चाहिए।