वैष्णवों ने पूजन कर महाराज को पवित्रा धारण कराई

Aug 06 2025

ग्वालियर। अंतरराष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद द्वारा गिर्राज धर्मशाला दौलतगंज में चल रहे तीन दिवसीय उत्सव में बुधवार को शहर सहित आसपास के गांव से आए वैष्णवजन शामिल हुए। यहां सबसे पहले पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की परंपरा के अनुसार वैष्णवाचार्य शरद कुमार महाराज का पूजन कर पवित्रा धारण (रेशम डोर की माला) करवाई गई। इसके बाद महाप्रभु वल्लभाचार्य की प्रतिमा पर पवित्रा धारण कर भक्ति मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वहीं आधी रात तक पवित्रा धारण कार्यक्रम चलता रहा। 
इस दौरान हरिनाम संकीर्तन में पुरुष और महिलाओं ने भक्तिभाव में विभोर होकर प्रभु के सामने नृत्य किया। इसी सिलसिले में गुरुवार को मंदिर में विशेष झूला झांकी सजाकर हिंडोला उत्सव मनाया जाएगा। इस उत्सव में कोटा से आए शरद कुमार महाराज शामिल होंगे। 
इस अवसर पर परिषद के मोहन लाल अग्रवाल, कुम्भन अग्रवाल, मुरली मनोहर अग्रवाल, जमुनादास मुखिया, लक्ष्मणदास सिंघल, पुरुषोत्तम सिंहल, प्रणय अग्रवाल, अनुभव सिंघल, शशि किरण मुखिया, यमुनेश नागर, रजनीश व्यास, सीता नाहर समेत अन्य वैष्णव सृष्टि उपस्थित रहे। 
परिषद के सदस्यों ने बताया कि वैसे पवित्रा डाभ या कुशा को कहा जाता है, लेकिन पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की परंपरा में पवित्रा एक रेशमी कपड़े और सूत की माला को कहा गया है। पवित्रा बनाने का कार्य मंदिर का पटवा करता है। उन्होंने बताया कि हर साल श्रावण शुक्ल एकादशी पर गिर्राज धर्मशाला में पवित्रा उत्सव मनाकर वैष्णवजन की ओर से अपने गुरु को यह पवित्रा धारण कराई जाती है। इस पर्व पर सभी वैष्णवजन एकादशी का उपवास रखकर और पवित्रा धारण कराकर भक्ति और प्रेम के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।