प्रकृति पूजा ही वास्तविक गोवर्धन पूजा है:पचौरी

Aug 04 2025

ग्वालियर। सिद्धपीठ गंगादास की शाला में झूलन महोत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य मुकेश पचौरी ने गोवर्धन पूजा की कथा के माध्यम से प्रकृति पूजा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति की रक्षा करना चाहिए, आज हम सब प्रकृति से छेड़छाडक़र रहे हैं, इसलिए आज प्रकृति भी विपरीत होती जा रही है इसलिए प्रभु ने गोवर्धन पर्वत की पूजा कराकर जनमानस को यह संदेश दिया कि हमें प्रकृति की पूजा एवं रक्षा करना चाहिए। 
कथा में प्रभु की बाल लीला माखन चोरी लीला के माध्यम से समस्त भक्तों को आनंद प्राप्त हुआ एवं तुलसी जयंती के बारे में भी बताया। गोस्वामी तुलसी दास ने राम चरित मानस के रूप में हमें अनमोल ग्रन्थ दिया है उन्होंने बताया की रामायण की एक एक चोपाई में वेदों का सार निहित है। रामायण हमें जीना सिखाती है। कथा के विश्राम में गोवर्धन की पूजा और छप्पन भोग लगाया गया।
इस अवसर पर महंत स्वामी रामसेवक दास महाराज, मुख्य यजमान श्रीमती मुन्नी देवी कटारे, प्रकाश शर्मा, श्रीमती इंद्रा शर्मा आदि मौजूद थे।