बायोटेक्नोलॉजी ने कृषि और अन्य क्षेत्रों में क्रांति ला दी: डॉ. मनमोहन पारिडा

Aug 01 2025

ग्वालियर। बायोटेक्नोलॉजी का योगदान वैक्सीन और दवाईयां बनाने में है। यह पर्यावरण में कार्बन रिड्यूस करने में मदद करती है और फोटोसिंथेसिस करने में भी काम आती है। आज की परिस्थितियों की मांग है कि हम साथ मिलकर काम करें जिससे हम आने वाली चुनौतियों से निपट सकें। बायोटेक्नोलॉजी ने कृषि और अन्य क्षेत्रों में क्रांति ला दी है। यह बात शुक्रवार को डीआरडीओ के निदेशक डॉ. मनमोहन पारिडा ने पीएम ऊषा के तहत जीवाजी विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी अध्ययनशाला में मानव स्वास्थ्य के लिए पादप जैव प्रौद्योगिकी और फेज चिकित्सा में नवाचार विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेयू के कुलगुरू डॉ. राजकुमार आचार्य ने की। विशिष्ट अतिथि प्रो. जूलियन ग्रोस एवं जेयू के कुलसचिव डॉ. राकेश कुशवाह उपस्थित रहे। स्वागत भाषण प्रो. समीर भाग्यवंत ने दिया। 
प्रो. जूलियन ग्रोस ने कहा कि विज्ञान हम सब के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमने एक दूसरे से बहुत कुछ सीखा। हम दो दिन से 18 शोधार्थियों के साथ चंबल नदी के पानी से बैक्टीरियोफेज को आइसोलेट कर उनका डीएनए परीक्षण कर रिसर्च कर रहे हैं। इससे बहुत अच्छे निष्कर्ष निकलकर सामने आएंगे। जो मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी होंगे। डॉ. राकेश कुशवाह ने कहा कि इस संगोष्ठी से जो भी निष्कर्ष निकलेगा, वह ग्वालियर और देश के हित में होगा। 
प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि पौधों में मौजूद प्राकृतिक कंपाउंड से नए औषधीय संरचना बनाकर मानव स्वास्थ्य में इनका उपयोग किया जा सकता है। परंपरागत ज्ञान को हमने रीति मान लिया है। यह प्रकृति का संरक्षण है। हाइब्रिड खाना जो हम खा रहे हैं, वह मानव के लिए बहुत खतरनाक है। कार्यक्रम के दौरान स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ ही तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें शोधार्थियों ने शोध पत्र पढ़े। अंत में प्रो. समीर भाग्यवंत ने शिक्षकों के साथ अतिथियों को शॉल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 
इस अवसर पर प्रो. डीएन गोस्वामी, प्रो. शान्तिदेव सिसोदिया, प्रो. राजेन्द्र खटीक, प्रो. वायके जायसवाल, प्रो. जेएन गौतम, प्रो. एसएन महापात्रा, प्रो. विवेक बापट, प्रो. डीसी गुप्ता, प्रो. मुकुल तैलंग, प्रो. एमके गुप्ता, प्रो. एसके सिंह, प्रो. हेमन्त शर्मा, प्रो. गणेश दुबे, प्रो. नवनीत गरूड़, डॉ. सपन पटेल, डॉ. सुमन जैन, डॉ. स्वर्णा परमार, डॉ. विमलेंद्र सिंह सहित शोधार्थी व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
जेयू और ब्रिंघम यंग यूनिवर्सिटी में हुआ एमओयू
ब्रिंघम यंग यूनिवर्सिटी यूएसए और जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के बीच एमओयू किया गया।जिसमें जीवाजी विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं एवं रिसर्च स्कॉलर ब्रिंघम यंग यूनिवर्सिटी जाकर नवीनतम बायोटेक्नोलॉजी विषय पर रिसर्च कर सकते हैं। जिससे रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।