उच्च न्यायालय ने मुख्य अभियंता को माना अवमानना का दोषी,पद से हटाने की उठी मांग

Aug 01 2025

ग्वालियर। मप्र उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने वाद क्रमांक डब्ल्यूपी 7014/2025 में सुनवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एसएल सूर्यवंशी को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके की अदालत ने यह आदेश 30 जुलाई को पारित किया। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी ने पक्ष रखा। 
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि सूर्यवंशी ने कोर्ट के पूर्व आदेश की अवहेलना करते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों पर एफआईआर कराने के प्रयास जारी रखे, जबकि उन्हें माफी मांगने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने इस आचरण को गंभीर मानते हुए सूर्यवंशी को अवमानना का दोषी ठहराया। इस निर्णय के बाद डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री इंजी. मनोज शर्मा, जिलाध्यक्ष इंजी. रजनीश गुप्ता और प्रवक्ता इंजी. प्रीतम सिंह रावत ने मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर सूर्यवंशी को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। 
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूर्यवंशी पर पूर्व में भी आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं, जिनकी जांच अधूरी है या दबा दी गई है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी. राजेन्द्र सिंह भदौरिया सहित कई वरिष्ठ अभियंताओं ने भी सरकार से आग्रह किया है कि सूर्यवंशी को पद से हटाकर भ्रष्टाचार के मामलों की पुन: जांच करवाई जाए ताकि शासन की गरिमा बनी रहे।