बाल गंगाधर तिलक ने उठाई थीं पूर्ण स्वराज की मांग

Aug 01 2025

ग्वालियर। प्रखर राष्ट्रवादी, शिक्षक, समाज सुधारक, बैरिस्टर और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 1 अगस्त को 105वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर लाल बाल पाल प्रतिमा स्थल फूलबाग पर पुष्पांजलि अर्पित की। 
छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, कांग्रेस नेता सुनील शर्मा, साहित्यकार माताप्रसाद शुक्ला, सहित कई लोग मौजूद थे। 
इस मौके पर पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि आज तिलक की पुण्यतिथि है। बाल गंगाधर तिलक भारत के प्रमुख नेता, समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और लोकप्रिय नेता थे। मराठी और हिंदी में उनके भाषण लोकप्रिय थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ भारत की स्वतंत्रता की नींव रखने में मदद की और इसे एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल दिया। उनके नाम के आगे लोकमान्य लगाया जाता है, ये वह प्रसिद्धि है जो बाल गंगाधर तिलक ने अर्जित की थी। 
सबसे पहले ब्रिटिश राज के दौरान पूर्ण स्वराज की मांग लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने ही उठाई थीं। इसलिए उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का जनक कहा जाता है। लोकमान्य तिलक का निधन 1 अगस्त 1920 को मुंबई में हुआ था। उन्हें एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के पहले व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त नेता के रूप में याद किया जाता है। 
बाल गंगाधर तिलक को लोकमान्य के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ है लोगों के नेता के रूप में स्वीकृत, वे शुरुआती भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति थे। बाल गंगाधर तिलक को अक्सर ब्रिटिश औपनिवेशिक अधिकारियों द्वारा उनके कट्टरपंथी दृष्टिकोण और स्वराज (स्व-शासन) पर उनके जोर के कारण भारतीय अशांति के जनक के रूप में संदर्भित किया जाता था।