गंगादास की शाला में हिंडोला उत्सव के साथ शुरू हुई कथा

Jul 31 2025

ग्वालियर। हिंडोला झूला उत्सव में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ, गंगादास की बडी शाला में पावन स्मृति में आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ बड़ी शाला के सभागार में वैदिक विधि विधान से हुआ। कथा प्रारम्भ होने से पहले श्रीमद् भागवत की शोभायात्रा कलश यात्रा के रूप में शाला लक्ष्मीबाई कॉलनी परिसर में निकाली गई। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद संत समाधियों और गद्दी का पूजन कर व्यासपीठ और श्रीमद् भागवत का पूजन हुआ। इस वर्ष कथा के परीक्षित स्व. वंशीलाल-मुन्नी कटारे होने से पूजन महंत रामसेवक दास महाराज ने भक्तजनों के साथ किया।
 कथा के प्रथम दिन कथा व्यास प्रवक्ता मुकेश पचौरी महाराज ने श्रीमद् भागवत महापुराण के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि रामायण व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाती है। वहीं श्रीमद् भागवत कथा व्यक्ति की मृत्यु को आनन्दमय बना देती है। व्यक्ति के अन्दर से मृत्यु के भय को मिटा देती है। अपनी मृत्यु के भय से भयभीत राजा पारीक्षित भागवत कथा सुनने के बाद प्रसन्नता पूर्वक अपनी मृत्यु का वरण करता है।
कथा का प्रथम दिन होने से कथा संक्षिप्त रूप से पूरी की। कथा गंगा शाला के सभागार में कथा 2 बजे से 6 बजे तक होगी।