शिक्षक की गुरु के रूप में प्रतिष्ठा आवश्यक: पंकज नाफड़े

Jul 31 2025

ग्वालियर। भारत की शिक्षा व्यवस्था में जब तक शिक्षक गुरु के रूप में प्रतिष्ठित नहीं होगा और छात्र अपने गुरु का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक वे पूर्ण ज्ञान प्राप्त नहीं कर पाएंगे। विद्यार्थियों के जीवन में सफलता की राह में बाधाएं आएंगी। गुरु का सम्मान करने पर ही उन्हें आत्मिक, व्यावहारिक, सांसारिक एवं आध्यात्मिक सुख प्राप्त हो सकता है। यह बात भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय संयुक्त महामंत्री पंकज नाफड़े ने कही। वे भारतीय शिक्षण मंडल के व्यास पूजा कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार शर्मा रहे। नाफड़े ने कहा, भारतीय शिक्षण मंडल अपने प्रमुख उत्सव व्यास पूजा का आयोजन प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा पर करता है। भारत में गुरु-शिष्य परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। आज भी समाज में गुरु को सर्वोच्च माना जाता है।