असुरक्षित स्कूल भवनों में कक्षायें न लगाई जाए:कलेक्टर रुचिका चौहान
Jul 29 2025
ग्वालियर। स्कूल भवन के असुरक्षित कमरों में कक्षाएँ न लगाई जाएँ। यदि स्कूल भवन असुरक्षित है तो नजदीकी सरकारी भवन में कक्षायें लगाई जा सकती हैं। यदि नजदीक में कोई सरकारी भवन उपलब्ध न हो तो किराए के भवन में स्कूल लगाने का प्रस्ताव भेजें। इस काम को पूरी गंभीरता से लें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को दिए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सुरक्षा के लिहाज से स्कूल भवनों का एक बार फिर से सर्वेक्षण कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा जिन स्कूल भवनों में पानी टपकने एवं परिसर में पानी भरने इत्यादि की छोटी-मोटी समस्या है, उस काम को स्कूल मद से जल्द से जल्द पूर्ण कराएं, जिससे बच्चों को पढ़ाई करने में दिक्कत न हो। ज्ञात हो मौजूदा शिक्षण सत्र आरंभ होने से पहले भी जिला प्रशासन द्वारा जिले भर में स्कूलों का सर्वेक्षण कराकर स्कूल निधि से मरम्मत का कार्य कराया गया था।
सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई अंतरविभागीय समन्वय बैठक में सरपंच, सचिव संवाद कार्यक्रम, कुपोषण निवारण, सीएम हैल्पलाइन, अनुकम्पा नियुक्ति, विभागीय पदोन्नति, राह-वीर योजना, स्कूली व यात्री वाहनों की जाँच एवं शासकीय सेवकों की समग्र ई-केवायसी सहित शासन के अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला-बाल विकास एवं सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जिले में चिन्हित अति कम वजन के शतप्रतिशत बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों (एनआरसी) में भर्ती कराएं, जिससे ये बच्चे सुपोषित हो सकें। उन्होंने जिले में चिन्हित कि गए अति कम वजन के बच्चों का महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों के माध्यम से सत्यापन कराने के लिये भी कहा। साथ ही घाटीगाँव व भितरवार में नए एनआरसी खोलने के लिये प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा जिले में सरपंच संवाद कार्यक्रम आयोजित कर सरपंचों को सुपोषण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। जिले के भितरवार व घाटीगाँव विकासखंड में आयोजित हुए सरपंच संवाद कार्यक्रम के बाद यहाँ के सरपंचों ने चिन्हित अति कम वजन के क्रमश145 बच्चों व 151 बच्चों को सुपोषित बनाने का बीड़ा उठाया था। इनमें से अधिकांश बच्चे सुपोषित हो चुके हैं।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने बैठक में मौजूद क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो, इसके लिये लगातार स्कूली वाहनों की जाँच जारी रखें। इसी तरह जिले में चलने वाली यात्री बसों की जाँच भी की जाए।
बैठक में कलेक्टर ने सरकार द्वारा सडक़ दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई राह-वीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन अवर अर्थात एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को इस योजना के तहत शासन द्वारा 25 हजार रूपए उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम व टीएन सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं जिले के एसडीएम मौजूद थे।
संपादक
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