सावन के तीसरे सोमवार पर कांवडिय़ो ने गंगाजल से भोलेनाथ का अभिषेक किया

Jul 29 2025

ग्वालियर। सावन के तीसरे सोमवार पर शिव मंदिरों में रात 12 बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया। सबसे पहले कांवड़ भरकर आए श्रद्धालुओं ने गंगाजल से भोलेनाथ का अभिषेक किया। इसके बाद आम भक्तों के लिए मंदिरों के पट खोल दिए गए।
सोमवार सुबह से ही शहर के प्रमुख मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अचलनाथ, कोटेश्वर महादेव और गुप्तेश्वर महादेव मंदिरों में महिला और पुरुष भक्तों के लिए अलग-अलग लाइनें लगाई गईं। मंदिर समितियों ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
सावन के हर सोमवार की तरह तीसरे सोमवार को भी शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु भगवान शिव का दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक कर रहे हैं। बेलपत्र, भांग, धतूरा और आक के फूलों से पूजन करने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन विधियों से शिव पूजन करने पर विशेष पुण्य मिलता है।
वहीं ग्वालियर के प्रमुख शिव मंदिरों में अचलनाथ महादेव, कोटेश्वर महादेव, गुप्तेश्वर महादेव, चकलेश्वर और भूतेश्वर मंदिर शामिल हैं। इनके अलावा फूलबाग स्थित मार्कण्डेश्वर मंदिर, गेंडेवाली सडक़ के पास रामकुई के मोटे महादेव मंदिर और सीपी कॉलोनी स्थित कलिकेश्वर नाग मंदिर पर भी विशेष पूजा-अर्चना और आयोजन हुए। 
धूमेश्वर धाम पर लगा मेला
ग्वालियर से लगभग 75 किलोमीटर दूर, भितरवार सर्कल में सिंध और पार्वती नदियों के संगम पर स्थित प्राचीन धूमेश्वर धाम पर भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां मेला लगता है। हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पहले नदी में स्नान करते हैं, फिर शिवलिंग की पूजा करते हैं। 
हालांकि इन दिनों लगातार बारिश के चलते सिंध और पार्वती नदियां उफान पर हैं। प्रशासन द्वारा यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।