नृसिंह नगर में घरों में भरा पानी,चक्काजाम पर कांग्रेस पार्षद और मंत्री समर्थक के बीच झूमा-झटकी

Jul 26 2025

ग्वालियर। वार्ड नम्बर 8 के नृसिंह नगर में पिछले 10 दिन से बारिश और सीवर के पानी की निकासी न होने को लेकर चार शहर का नाका पर शनिवार सुबह कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच मुंहवाद और झूमाझटकी हो गई। कांग्रेस के पार्षद व नेता चक्काजाम किए हुए थे उसी समय वहां ऊर्जा मंत्री के समर्थक पहुंच गए और महापौर मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही दोनों दलों के समर्थकों के बीच तू-तू, मैं-मैं शुरु हो गई जो झूमाझटकी में बदल गई। जैसे-तैसे दोनों पक्ष के नेता शांत हुए। चार शहर का नाका पर एक तरफ कांग्रेस तो दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं ने धरना दिया।
वार्ड 8 के नृसिंह नगर में बरसात का पानी और सीवेज भरा हुआ है। पिछले 10 दिन से यह समस्या यथावत बनी है और नगर निगम के अधिकारी वहां के पार्षद मनोज राजपूत को सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे थे। इस बात से नाराज होकर पार्षद मनोज राजपूत कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा व क्षेत्रीय निवासियों को साथ लेकर चार शहर का नाका पहुंचे और वहां चक्काजाम करके धरना देने लगे। पार्षद मनोज राजपूत का कहना था कि नृसिंह नगर में पहले सेप्टिक बना हुआ था जिसे बंद करके उस पर कब्जा कर लिया और अब वहां प्लॉटिंग की जा रही है। इसलिए नृसिंह नगर में बरसात का पानी निकल नहीं रहा और सीवेज का गंदा पानी घरों में घुस रहा है। 
चार शहर का नाका पर चक्काजाम व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की खबर लगते ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के समर्थक रामअवतार बैस अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गए। कांग्रेस पार्षद मनोज राजपूत व भाजपा नेता रामअवतार बैस के बीच बहस होने लगी। 
बैस का कहना था कि शहर में तो कांग्रेस की सरकार है, इसलिए दोष कांग्रेस का है। पार्षद का कहना था कि अधिकारी तो भाजपा के इशारे पर नाचते हैं इसलिए हमारी सुनते नहीं है। इसी बात पर दोनों के बीच तू-तू मैं-मैं होने लगी। बहसबाजी के दौरान रामअवतार बैस ने पार्षद मनोज के कपड़े पकड़ लिए, जिससे दोनों के बीच झूमा-झटकी हो गई। करीब 5 मिनट तक दोनों के बीच कपड़े फाडऩे जैसी स्थिति बनी रही।
बहसबाजी व झूमा-झटकी के बाद कांग्रेस और भाजपा के नेता चार शहर का नाका पर अलग-अलग स्थानों पर बैठकर धरना देने लगे। दोनों पार्टियों के समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाकर अव्यवस्थाओं के लिए दोषी ठहराते रहे। दोनों पार्टियों की वजह से चारों तरफ वाहनों की जो लंबी-लंबी लाइनें लग गई।