बेटे के दोस्तों ने की पिता की गोली मारकर हत्या, एक आरोपी को छोड़ बाकी सभी को पकड़ा

Jul 25 2025

ग्वालियर। चार बदमाशों ने एक ठेकेदार की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ठेकेदार के बेटे के दोस्त हैं। घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। रामस्वरूप को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  शुक्रवार सुबह तक एक आरोपी को छोड़ बाकी सभी को पकड़ लिया। घटना बहोड़ापुर के लक्ष्मीपुरम किशनबाग में गत देर रात 11:20 बजे की है।
पुलिस लाइन में तैनात हवलदार राजवीर तोमर के भाई रामस्वरूप तोमर को आरोपी अंकित, गौरव, हिमेश शर्मा और अजय धाकड़ ने एक गली में बुलाया। यहां एक प्लॉट को लेकर उनमें विवाद हुआ। इसके बाद गौरव ने रामस्वरूप के सिर में गोली मारी। इसके बाद अंकित ने फायर किया, गोली आंख पर लगी। रामस्वरूप की मौके पर ही मौत हो गई। चारों आरोपी भाग गए।
गोली चलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जेएएच ट्रॉमा सेंटर लेकर आई, यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस को शुक्रवार सुबह एक आरोपी गौरव की लोकेशन शंकरपुर के जंगल में मिली। पुलिस ने घेराबंदी की, तो गौरव ने दो गोलियां चलाईं। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि गौरव को पकडक़र ट्रॉमा सेंटर भेज दिया है। हत्या में शामिल तीन और आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। बाकी बचे एक आरोपी की तलाश की जा रही है।
बतादें कि चारों आरोपी रामस्वरूप के बेटे निखिल के दोस्त हैं। रामस्वरूप आरोपी अंकित पर बेटे को बिगाडऩे का आरोप लगाता था। निखिल ने पुलिस को बताया कि लक्ष्मीपुरम में अजय धाकड़ के घर के सामने एक प्लॉट है, जिस पर आधा मकान बना हुआ है। उसकी नीलामी बैंक ने 25 दिन पहले की थी। जिसे पिता रामस्वरूप ने खरीद लिया था। इसी को लेकर गौरव, अंकित, अजय और हिमेश पिता से रंजिश रखे हुए थे।
इस हत्याकांड में पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को पकड़ा है उनमें गौरव तोमर, सोमेश और अजय धाकड़ शामिल हैं। गौरव मुठभेड़ में पकड़ा गया। अंकित पुलिस को छकाए हुए है। इसकी तलाश में दबिश मारी जा रही है।
अंकित के बारे में पता चला है कि यही तो झगड़े की असर जड़ है। यह कोटक महिंद्रा में रिकवरी एजेंट है और इसके पास ही सूचना थी जो संपत्ति बैंक ने कुर्क कर रखी है वह बिकने वाली है। यही बात इसने अपने सभी साथियों को बता रखी थी। यह भी बताया था कि संपत्ति बिकवाई तो दलाली अच्छी खासी मिलने वाली है।
एसएसपी धर्मवीर सिंह के 16 माह के संक्षिप्त कार्यकाल में यह पुलिस का सातवां टखना फोड़ एनकाउंटर है। पुलिस का संदेश साफ है कि बदमाशों की बदमाशी पर नकेल कसने के लिए पुलिस हर संभव कोशिश करेगी और जरूरत पडऩे पर जान भी दांव लगा देगी पर बदमाशी नहीं चलने देगी। कत्ल में शामिल गौरव तोमर अब अपने फूटे टखने को सहलाते हुए सरकारी अस्पताल के ट्रामा सेंटर में कड़ी सुरक्षा के बीच भर्ती है।
इस मामले में एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि कत्ल की खबर मिलते ही पुलिस ने वारदात में शामिल सभी बदमाशों की तगड़ी घेराबंदी शुरु कर दी। इसलिए ही बदमाशों को ग्वालियर के शहरी क्षेत्र की ही सीमा छोडऩे का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कत्ल में शामिल एक बदमाश गौरव तोमर ने जब पुलिस को निशाना बनाना चाहा तो पुलिस पार्टी को अपनी कमर में लगे हथियार निकालने ही पड़े।