हर दिन दुर्घटना में दम तोड़ रहा गौवंश, मूकदर्शक बना प्रशासन

Jul 24 2025

भितरवार। भले ही शासन प्रशासन द्वारा बेसहारा गौवंश सरंक्षण के कई दावे किए जा रहे हों। लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। नगर में आए दिन सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश की दुर्घटना में मौत हो रहीं है, और कई गायें भारी वाहनों की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल होकर तड़पते हुए आंसू बहा रहीं हैं। गौवंश की ऐसी दुर्दशा होने पर भी स्थानीय प्रशासन गौवंश के संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। जिससे गौवंश के संरक्षण के लिए बनाई गई योजनाएं कागजों तक सिमट कर रहीं गई हैं। उन योजनाओं के सही क्रियान्वयन न होने से सडक़ों पर भटक रहीं गायों को देख लोगों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है। 
जानकारी के अनुसार गौवंश का संरक्षण हो गाय सडक़ों पर मारी मारी न फिरे इसके लिए सरकार ने नगर एवं गांवों में गौशालाएं बनवाई हैं। नगर की गौशाला को छोडक़र विभिन्न गांवों में बनीं गौशालाएं खालीं पड़ीं हैं। जिनमें गौवंश न रखे जाने से सैकड़ों की संख्या में गौवंश नगर में आ गया है। पिछले कई कई महीनों से बाजार में जगह-जगह बेसहारा होकर घूम रहा है गौवंश आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहा है। बीते 7 रोज में कई गाय बछड़े भारी वाहन की टक्कर से घायल होकर दम तोड़ चुके हैं। और कुछ घायल होकर तड़प रहे हैं। 
बीती रात भी सरकारी अस्पताल के सामने एक गाय को कोई वाहन रौंद गया। जिससे बुरी तरह से घायल हुई गाय सुबह कुछ लोगों डॉक्टर बुलाकर उपचार कराया। वहीं गौवंश की ऐसी स्थिति देख लोग शासन प्रशासन को जमकर कोश रहे हैं, और गाय को पालकों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। वहीं बेसहारा गौवंश को सुरक्षित करने के लिए तत्कालीन पशु पालन मंत्री लाखन सिंह यादव द्वारा गांवों में बनवाई गई गौशालाओं का लाभ गौवंश को कतई नहीं मिल रहा है। और बताते हैं। कि नगर की गौशाला में क्षमता से अधिक गौवंश को सरंक्षण नहीं मिल पा रहा।
तत्कालीन एसडीएम के आदेश को जनपद सीईओ ने नहीं माना
बेसहारा गौवंश की ऐसी दुर्दशा देख जनवरी माह में नगर के कुछ लोगों ने समाजसेवी बृजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में तत्कालीन एसडीएम डीएन सिंह को एक ज्ञापन दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि बेसहारा गौवंश की दुर्घटना में आए दिन मौत हीरो हैं। गाय बछड़े पन्नियां कचड़ा खाकर भूख मिटा रहे हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए गौवंश को गांवों की खाली पड़ी गौशालाओं में भिजबाया जाए। इस ज्ञापन पर एसडीएम ने जनपद सीईओ एल एन पिप्पल को आदेश जारी कर गौवंश को गांवों की खाली गौशालाओं में भिजवाने की बात कही थी। तत्कालीन एसडीएम के इस आदेश को सीईओ ने आज तक नहीं माना।
नगर परिषद अध्यक्ष का आश्वासन झूटा निकला
बाजार में घूम रहे बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए समाजसेवी ब्रजेंद्र रावत द्वारा दिए गए ज्ञापन पर तत्कालीन एसडीएम ने गांवों की गौशालाओं में बेसहारा गौवंश भिजवाने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल से निकाय के वाहनों की व्यवस्था करने को कहा था। जिस पर अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने जनवरी माह में निकाय के वाहनों से गांवों की खाली गौशालाओं में गौवंश भिजवाने का आश्वासन दिया था।