पुस्तक का गूगल के युग में भी कोई विकल्प नहीं:पवैया

Jul 23 2025

ग्वालियर। पुस्तकालय, ग्रंथ, ज्ञान लोक मंगल की अनंत धारा है जो कभी बंद नहीं होती। अध्ययन कभी बंद नहीं होना चाहिए। आज की पीढ़ी मान ले गूगल के युग में भी पुस्तक का कोई विकल्प नहीं है, पढक़र ही अपने ज्ञान को बढ़ाया जा सकता है। इसलिए पुस्तकालय समृद्ध होना चाहिए। यह बात पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने जीवाजी विवि के केंद्रीय ग्रंथालय में आरएफआईडी एवं निगरानी प्रणाली के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राजमाता कृषि विवि के कुलगुरु प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि छात्र पढऩे की आदत डालें। छात्र उच्च गुणवत्ता वाली किताबों को पढ़ें, क्योंकि अध्ययन से ही प्रगति के द्वार खुलते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीवाजी विवि के कुलगुरु प्रो. रामकुमार आचार्य ने की। 
उन्होंने आरएफआईडी पद्धति को आज की जरूरत बताई। कार्यक्रम में आरएफआईडी को डेमो शकील कुरैशी ने दिया। आभार प्रदर्शन प्रो. जेएन गौतम ने किया। मुख्य अतिथि का कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा, चिरंजीव बरेला, पंकज त्रिपाठी, शिक्षकों व छात्रों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. राकेश कुशवाह, डॉ. जेएन गौतम, शकील कुरैशी, जीएस तोमर, ईसी मेंबर डॉ. मंजीत भल्ला, पूर्व ईसी मेंबर प्रदीप शर्मा, साइंस कॉलेज प्राचार्य बीपीएस जादौन, प्रो. एसके सिंह, डॉ सत्येंद्र सिकरवार, प्रो. शांतिदेव सिसोदिया सहित शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित थे।