गुरु आज्ञा शिरोधार्य करने से शिष्य हो जाते भव से पार: विजय महाराज

Jul 22 2025

ग्वालियर। कामिका एकादशी पर गदाईपुरा पर सत्संग पाठ करते हुए आशारामबापू आश्रम के सत्संग वक्ता विजय महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु आज्ञा शिरोधार्य करने से शिष्य सहज में भव से पार हो जाता है। शास्त्र प्रमाण है शबरी, मीरा, कबीर, नानक जैसे अनगिनत उदाहरण हैं। जिन्होंने केवल गुरु के ज्ञान को आत्मसात किया। हमें ब्रह्मज्ञानी संत महापुरुष मार्ग बताते है हमें उनकी आज्ञा में स्थित होकर एक निष्ट भक्ति करना है। शिष्य के उद्धार के लिए महापुरुष अवतरित हो कर सदगुरु के रूप में प्राप्त होते है। कई जन्मों के पुण्य जब उदय होते हैं तभी ये संयोग बनता है। एक बार मनुष्य देह छूटी तो चौरासी लाख योनियों में जीव को भटकना पड़ता है। अत: लापरवाही त्याग सजगता से हमें अपना कल्याण मार्ग अपनाना चाहिए। भगवत्प्राप्त सदगुरू के संकल्प कृपा दृष्टि से शिष्य निर्विकार अवस्था को सहज में प्राप्त कर लेता है तभी भक्ति फलीभूत होती है और जीव गृहस्थ धर्म का पालन करते हुए संसार सागर सहज में प्राप्त कर लेता है। सत्संग कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक मंगल आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।
इस मौके पर अमर सिंह चौहान, प्रधान सिंह भदौरिया, बलबीर सिंह परमार, बीपीएस सेंगर, भगवान दास, हिमांशु, राजेश सिंह भदौरिया, डा सीबी शर्मा, श्रीमती विमला कुशवाह, कमला तोमर, शंकुतला चौहान, मुन्नी चौहान, सीमा परिहार, रेखा राठौर, अंशु तोमर, कुसुम चंदेल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।