आदमी के कर्म अगर अच्छे हो तो किस्मत उसके चरणों की दासी बन जाती है-आचार्यश्री

Jul 21 2025

ग्वालियर। हमेशा विश्वास रखिए सबसे अच्छा दिन आज है सबसे अच्छा समय अभी है सबसे बुरा दिन कभी नहीं है। खुशियों से भरा हुआ एक लम्हा किसी खजाने से कम नहीं है। गम से भरा हुआ एक दिन 1 अन्धकूप से कम नहीं है। जिंदगी जीने का मकसद होना चाहिए। अपने आप पर भरोसा होना चाहिए जीवन में खुशियों की कमी नहीं है। बस कमी है तो उन्हें मनाने के सही अंदाज की। दु:ख में से भी सुख खोजा जा सकता है अगर सोचने का तरीका सही हो और सुख में से भी दुख हो सकता है अगर जीने का तरीका गलत हो। हमें दुनिया को बदलने की फिक्र नहीं करना चाहिए हमें अपने आप को बदलने की कोशिश करना चाहिए। यह विचार आचार्य श्री सुबल सागर महाराज ने सोमवार को नई सडक़ स्थित चंपाबाग मे धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने कहा कि आप धैर्यशील बने कोई दो कड़वे शब्द कह दे तो क्रोधित ना हो टेंशन ना पाले क्योंकि पत्थर उसी पेड़ को मारे जाते हैं जिस पर मीठे फल लगते हैं। आपके अंदर कुछ तो खास है इसलिए तो दुनिया की नजर आपके ऊपर है इसीलिए तो आप के कार्यो की निंदा और आलोचना हो रही है। किसी के बुरा कहने पर आप अपने आप को बुरा कभी ना माने जब आपका मन आपको गिल्टी न माने। दिमाग झूठ बोल सकता है मगर दिल हमेशा सत्य बोलता है दुनिया की सबसे बड़ी अदालत आपका स्वयं का दिल है इसीलिए जिंदगी के महत्वपूर्ण फैसले दिमाग से नहीं दिल से लें जिससे मंजिल प्राप्त करने में आपको आसानी होगी।