संगीत में ही मेरी आत्मा और प्राण, इसके बिना मैं कुछ नहीं

Jul 21 2025

ग्वालियर। संगीत ही मेरी आत्मा और प्राण है। बिना संगीत के मैं कुछ भी नही। मैंने अपने घर में संगीत को बचपन से ही महसूस किया। सुभाष देशपांडे और चुन्ने खां साहब से इसकी बारीकियां सीखीं। यह कहना था तानसेन समारोह सहित अन्य मंचों पर प्रस्तुतियां दे चुके मुरैना के सुजल जैन का। 
सुजल जैन गंगादास की शाला में रागायन की संगीत सभा में गायन करने के लिए आए थे। उन्होंने राग मांज खमाज में सावन की कजरी सुनाई। इसके बाद उन्होंने भजन सुनाकर रसिकों को मुग्ध कर दिया। 
इसी क्रम में वर्षा मित्रा, एकता जैन स्मिता महाजनी, मुकेश सक्सेना, टीकेन्द्रनाथ चतुर्वेदी, डॉ. वीणा जोशी सहित मनीष शर्मा ने गायन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला के महंत रामसेवक दास महाराज ने की।