शिव महापुराण कथा में बन रहे हैं हजारों पार्थिव शिवलिंग

Jul 18 2025

ग्वालियर। विनय नगर सेक्टर 4 में स्थित अमृतेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे शिव महापुराण के पांचवें दिन की कथा में मंदिर प्रांगण शिव नाम के जब से गूंजा तब ऐसा लगा मानों कैलाश नगरी धरती पर उतर आई हो आज भक्तों ने पवित्र मिट्टी, गोमय, गंगाजल एवं शुद्ध मन भाव से शिवलिंगों का निर्माण किया एक-एक शिवलिंग में समर्पण, प्रेम और प्रार्थना समाहित थी, हर हाथ की रेखा भगवान शिव के त्रिनेत्र से जुड़ती दिखाई दी।
शिव महापुराण कथा वाचक श्रीनिवास तिवारी ने बताया कि माता पार्वती ने किस प्रकार जन्म लिया और शिव के साथ उनके विवाह किस प्रकार हुआ। उन्होंने यह भी बताया की किस प्रकार तारकासुर के आतंक को समाप्त करने के लिए शिवजी की तपस्या भंग हुई उसके बाद उनका विवाह हुआ।
कथा व्यास ने बताया की तारकासुर के आतंक को समाप्त करने के लिए शिव का विवाह आवश्यक था, शिव और पार्वती के विवाह के बाद ही तारकासुर का वध हुआ। इस अवसर पर कथा के दौरान भक्त जनों द्वारा मंगल गीत भी गए जा रहे थे एवं शिव विवाह की खुशियां मनाई गई। कथा व्यास श्रीनिवास तिवारी ने शिव महापुराण में शिव के विभिन्न स्वरूपों जैसे संहारक, योगी, और ग्रहस्थ का वर्णन किया उन्होंने शिव पुराण में शिव की महिमा उनके भक्तों और उनके द्वारा किए गए कार्यों का भी विस्तार से वर्णन समझाया। उन्होंने भक्तों को बताया की ऊॅ नम: शिवाय शिव का सबसे प्रिय मंत्र माना जाता है।