स्मैक के नशे से हुई युवक की मौत पर नगरवासियों में पुलिस के खिलाफ नाराजगी

Jul 13 2025

भितरवार। बीते रोज स्मैक के नशे से हुई एक और नौजवान युवक की मौत के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे आ गई है। नशे से 22 वर्षीय युवक के मौत का शिकार होने पर लोगों ने पुलिस खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सोसल मीडिया पर पुलिस से स्मैक,गांजा रूपी जहर बेचने बालों के खिलाफ कढ़ी कार्रवाई करने की बात कही है। 
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ सालों से नगर एवं गांवों में बड़े स्तर पर स्मैक,गांजा का अवैध कारोबार काफी जोरों पर चल रहा है। जिससे यह जहर रूपी नशा गली-गली और मोहल्लों तक पहुंच गया है। बेधडक़ होकर विक्रय किए जा रहे स्मैक और गांजा की गिरफ्त आकर युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। आसानी से मिलने वाले इस नशे की जकड़ में आए युवा सुनसान जगहों पर बैठे दिखाई दे सकते हैं। इस नशे से जनवरी माह में वार्ड क्रमांक 7 निवासी 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। 
वहीं बीते रोज शनिवार को नगर के वार्ड क्रमांक 6 निवासी 22 वर्षीय युवक यूनिस खान उर्फ मितवा की भी स्मैक के सेवन मौत हो गई। नशे की गिरफ्त में आकर हुई युवक की मौत के बाद नगर के लोगों ने स्थानीय पुलिस के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की है। और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। 
आम आदमी को पता है स्मैक का सप्लायर कौन है लेकिन पुलिस को पता नहीं
नशे से युवक की मौत के बाद पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर के युवक जितेंद्र सिसोदिया ने सोसल मीडिया पर लिखा है। कि नगर में आम आदमी को पता है। कि स्मैक का सप्लायर कौन है। लेकिन पुलिस को पता नहीं हैं। वहीं श्री सिसोदिया ने आगे लिखा कि नशेडिय़ों की वजह से नगर में चोरियों की वारदातें बढ़ रहीं हैं। वहीं पूर्व पार्षद गिर्राज अग्रवाल ने लिखा है। कि नशे का कारोबार चरम पर है। क्या पुलिस बालों को पता नहीं हैं। कि नशा कहां और कौन बेच रहा है। उन्होंने कहा कि कभी पुराने बाहर तरफ आओ हर तरफ नशा करने वाले, नशा बेचने वाले और उनके संरक्षक सब मिल जायेगें।
भाजपा नेता बोले पुलिस की मिलीभगत का परिणाम है
वहीं स्मैक के नशे युवक की मौत होने के बाद भाजपा नेता अशोक बाजपेई ने लिखा है। कि पुलिस की मिलीभगत परिणाम है। भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष और जिला महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाले श्री वाजपेई ने नशे को लेकर गहरी चिंता जताई है। वहीं उपेंद्र धाकड़ ने कहा कि पुलिस के खुफिया तंत्र को मालूम नहीं हैं। कि किस किस गांव में नशीले पदार्थ की बिक्री हो रही है। पुलिस आम आदमी के मुंह से सुनना चाहती है।
नेता और पुलिस के संरक्षण में हैं नशा माफिया 
वहीं इसी प्रकार युवा गौरव पाठक ने सोशल मीडिया पर लिखा है। कि नेता और पुलिस के संरक्षण में हैं नशा माफिया। नशा आय का अच्छा श्रोत बना लिया है। समाज में नशा मुहैया कराना शासन प्रशासन की पहली प्राथमिकता हो गई है। क्या होगा स्वस्थ्य भारत मिशन का नशे में उड़ता भितरवार वहीं युवा समाजसेवी सतेंद्र यादव ने लिखा है। कि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। सब कुछ जानकर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। नशे को लेकर पुलिस के खिलाफ नगर में दिनभर ऐसी ही चर्चाएं गरम रहीं।