विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त एएनएम एसोसिएशन ने स्वास्थ्य आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

Jul 12 2025

ग्वालियर। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विमलेश शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने बताया कि एएनएम जमीनी मैदानी स्तर पर कार्य करती हैं। वे विभाग की सभी योजनाओं को हितग्राही तक पहुंचाने से लेकर उनको लाभ दिलाकर लक्ष्य की पूर्ति करती हैं। लेकिन जब सम्मान की बात आती है तो एएनएम को नजरअंदाज किया जाता है। 
उन्होंने मांग की है कि एएनएम को पूर्व की भांति नर्सिंग कैडर में शामिल जाए, साथ ही इनका नाम परिवर्तित कर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (आरएनओ) रखा जाए। वर्षों से चली आ रही लंबित वेतन विसंगित दूर कर ग्रेड पे 3200 किया जाए, और शिक्षा के आधार पर विभागीय पदों पर पदोन्नति दी जाए। उन्होंने कहा कि एएनएस विहीन क्षेत्र में सीएचओ व नर्सिंग ऑफिसर को टीकाकरण कार्य के लिए आदेशित किया है, किंतु जिले में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। यहां एक एएनएम से दो-दो एसएचसी का काम लिया जा रहा है। साथ ही सीएचओ संबंधी काम एएनएम से कराया जाता है। बावजूद इसके प्रोत्साहन राशि एएनएम को नहीं दी जाती है। 
वर्ष 2021 से पहले एएनएम को आवश्यक उपकरण एवं रखरखाव के लिए 20000 रुपए की राशि दी जाती थी। वर्तमान में जन आरोग्य समिति से मिलने वाला फंड बिना एएनएम की जानकारी के सीएचओ द्वारा खर्च किया जाता है। जबकि शासन के मुताबिक 20 हजार रुपए एएनएम एवं 30 हजार रुपये की राशि सीएचओ के नाम से जन आरोग्य समिति में एकत्रित रूप से दी जा रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी कामों को एएनएम द्वारा संपादित किया जाता है। 
लिहाजा सीएचओ की तरह एएनएम को 15 हजार रुपए पीवीएल दिया जाए। वहीं नियमित कर्मचारी की भांति एनपीएस ग्रेजुएटी स्वास्थ्य बीमा, डीए, गृह भाडा भत्ता, सीसीएल आदि सुविधाओं का लाभ दिया जाए। साथ ही संविदा से कार्यरत एएनएम को नियमित (संविलियन) किया जाए। स्वास्थ्य आयुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों को एएनएम की समस्याओं का बिंदुवार निराकरण करने के निर्देश दिए।