मैंने वर्दी को खुद पर कभी हावी नहीं होने दिया: राजेश मिश्रा

Jul 10 2025

ग्वालियर। पुलिस के नैतिक कर्तव्य कानून और व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों को रोकने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने से कहीं अधिक हैं। पुलिस को ईमानदारी, निष्पक्षता और सार्वजनिक सेवा की उच्च भावना के साथ कार्य करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, पुलिस को जनता के प्रति सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, और अपने कार्यों में विवेक का उपयोग करना चाहिए। यह बात पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त  राजेश मिश्रा ने कहीं। श्री मिश्रा आइकॉम सेंटर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 
उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कोई कार्य नहीं किया कि मुझे इतना बड़ा सम्मान दिया जाए। लेकिन हां! नौकरी मैंने जरूर ठाठ से की है। सेवा के दौरान मैंने कभी भी वर्दी को खुद पर हावी नहीं होने दिया। ग्वालियर-चंबल संभाग के लोगों के साथ अपने कार्यानुभव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यहां के लोग जाबांज होने के साथ-साथ सीधे-सपाट बोलने वाले हैं, दिल में कोई बात नहीं रखते। श्री मिश्रा ने कहा कि यहां के लोगों के बारे नजरिया बहुत साफ है। मेरा मानना है कि उन्हे कोई भी जिम्मेदारी दीजिए, बड़ी कुशलता के साथ उसे पूरा करते हैं। 
इससे पहले आईकॉम सेंटर पर श्री मिश्रा का शहर से स्थानांतरण पर उनकी विदाई में उन्हें शाल और श्रीफल से सम्मानित किया गया। 
इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक डॉ. केशव पाण्डेय ने उनके कार्यकाल के दौरान उल्लेखनीय कार्यों को गिनाया। उनका नजरिया, मिलनसार स्वभाव और कार्य के प्रति जुनून जैसे गुणों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन महेश मुदगल ने किया जबकि आभार व्यक्त किया जितेंद्र डंगरोलिया ने। कार्यक्रम में दीपक तोमर, राजेंद्र मुदगल, चंद्रशेखर शर्मा, हरिओम गौतम, गौरव शर्मा उपस्थित थे।