सिद्धों की आराधना करने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है-आचार्यश्री
Jul 05 2025
ग्वालियर। सिद्धों की आराधना भक्ति पूर्वक करने से सुख शांति समृद्धि की प्राप्ति होती है। बहुत ही पुण्यशाली जीव ही इस तरह के आयोजन में सम्मिलित हो सकता है। सिद्धों की भक्ति करने का अवसर बड़े पुण्य से मिलता है। जो आठ दिन अपना सब कार्य छोडक़र केवल विधान में बैठकर भाव पूर्वक भक्ति कर रहें हैं तो इसका फल भी अति फलदायक होगा। जो मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करेगा। यह विचार आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ने नई सडक़ स्थित चंपाबाग में सकल जैन समाज के द्वारा आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान मे धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आचार्य श्री ने कहा कि सिद्धों की भक्ति और आराधना को कभी भी नहीं छोडऩा चाहिए। जब भी दर्शन पूजन करें, तो भाव पूर्वक ही करे। जिसक फल भी वैसा प्राप्त होगा। हमें अपने जीवन में जो विरासत में धन, वैभव, सुख सुविधा, स्वस्थ शरीर की प्राप्ति हुई हे वो हमे पूर्वजन्म में किए गए पुण्य से मिला है। जो व्यक्ति मन के धनी होते हैं, जो किस्मत के धनी होते हैं और जिनका पुण्य जोर मारता है, वे ही साक्षात भगवान के दरबार में सिद्धचक्र विधान कर पाते हैं। जो पाप कर्म, तप और त्याग से नहीं कट सकते हैं वो पाप कर्म सिद्धचक्र विधान करने से कटते हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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