कैमरा बाहर ले जाओ, चलो यहां से निकलो, इन्हे बाहर निकाल के फेंक दो~ सीईओ

Jun 28 2025

भितरवार। कैमरा बाहर ले जाओ चलो यहां से बाहर निकालो इन्हे बाहर निकाल के फेंक दो ब्लैकमेलिंग करोगे तुम ऐसी अभद्रता जनपद पंचायत सीईओ एलएन पिप्पल ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेने गए डबरा के तथाकथित पत्रकारों से कर दी। सीईओ के ऐसे अभद्र व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसे देख लोगों ने सीईओ की कड़ी निंदा की है। 
जानकारी के अनुसार डबरा निवासी दीपेंद्र सिंह रावत ने सूचना के अधिकार के तहत भितरवार क्षेत्र की पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों को लेकर जानकारी मांगी थी। 2 मई को उन्होंने पंचायतों में आवेदन दिए। संबधित सचिवों ने समयावधि निकलने के बाद जानकारी नहीं दी तो  आवेदक दीपेंद्र रावत न्यूज इंडिया न्यूज के रिपोर्टर राज रावत, पब्लिक न्यूज के रिपोर्टर विकास रावत के साथ जनपद कार्यालय भितरवार पहुंचे। जहां उन्होंने प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद सीईओ एलएन पिप्पल से उक्त चाही गई जानकारी मांगी। 
सूचना के अधिकार के तहत विधिवत जानकारी मांगने पर जनपद सीईओ ने आवेदक को कई नियम बताए। आपको जानकारी लेने की क्या जरूरत पड़ रही है। इस पर आवेदक और तथाकथित मीडिया कर्मियों ने जनपद सीईओ से कहा कि आपको ये पूछने का अधिकार नहीं हैं। आप हमको जानकारी दीजिए। 
वहीं जानकारी न देने पर तथाकथित मीडिया कर्मियों ने जनपद सीईओ श्री पिप्पल से वाइट लेने के लिए कैमरा चालू किया तो जनपद सीईओ भडक़ गए। और क्रोधित होकर बोले चलो यहां से बाहर निकलो। 
उन्होंने जनपद के एक कर्मचारी से कहा कि इन्हे बाहर निकाल के फेंक दो। जनपद सीईओ और मीडिया कर्मियों के बीच हुए इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोसल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसको देख लोगों ने प्रशासन की कड़ी निंदा की है।
जनपद सीईओ ने जनप्रतिनिधियों को बता चुके हैं कचरा 
जनपद पंचायत सीईओ एलएन पिप्पल काफी विवादों में रहे हैं। उन्होंने एक बार नगर में आयोजित हुए कार्यक्रम में मंच से जनप्रतिनिधियों को कचरा बता दिया था। विकसित भारत को लेकर आयोजित हुए कार्यक्रम में मंच पर तत्कालीन एसडीएम, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी नारायण, नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल, उपाध्यक्ष मन्नू यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र रावत, भाजपा नेता केके पाराशर, राजेंद्र दिघरा आदि उपस्थित थे। उक्त कार्यक्रम देरी से शुरू होने पर और जनप्रतिनिधियों की उपस्थित को लेकर जन अभियान परिषद ब्लॉक समन्वयक मनोज दुबे ने कई सवाल खड़े किए थे। जिससे नाराज हुए जनपद सीईओ ने जनप्रतिनिधियों को कचरा कह दिया था।