रासलीला: प्रथम दिवस में हुआ श्रीकृष्ण जन्म

Jun 27 2025

ग्वालियर। सनातन धर्म मंदिर में श्रीधाम वृंदावन से पधारी रास मण्डली द्वारा प्रथम दिवस में रासाचार्य स्वामी देवेन्द्र वशिष्ठ के निर्देशन में रास मण्डली द्वारा कृष्ण लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। ब्रज मण्डल में कंस के अत्याचारों से त्रस्त भक्त, संतजनों, गौ एवं विप्रजनों की भगवान  से अपनी रक्षा हेतु करुण प्रार्थना की, जिस पर भगवान ने अवतार लेने का वचन दिया। 
मथुरा के राजा कंस ने अपनी बहन देवकी का विवाह श्रीवसुदेव जी से किया एवं बहुत प्रसन्न होकर देवकी की विदा की। इसी समय आकाशवाणी हुई हे दुष्ट कंस देवकी का आठवां पुत्र तेरा काल बनेगा। कंस ने क्रुद्ध  होकर देवकी वासुदेव को कारागार में डाल दिया और देवकी के आठवें पुत्र के जन्म का इंतजार करने लगा। 
आठवे पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। उसके पूर्व उन्होंने चतुर्भुज रूप में देवकी वासुदेव को दर्शन दिए और कहा मुझे रात्रि में ही गोकुल में नंद यशोदा के यहां छोड़ आओ, वासुदेव ने भगवान की आज्ञा का पालन करते हुए ऐसा ही किया वासुदेव जी की हथकड़ी एवं बेडिय़ां सभी खुल गए, कारागार के ताले अपने आप खुल गए, पहरेदार सो गए। वासुदेव ने यमुना पार कर श्रीकृष्ण को यशोदा के यहां पहुंचाया और वहां योग माया के रूप में प्रकट हुई कन्या को लेकर वापस कारागार में आ गए।
सनातन धर्म मंदिर के पदाधिकारियों ने बताया गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर 30 जून तक प्रतिदिन संध्या 8 बजे से मंदिर प्रांगण में भगवान राधाकृष्ण की लीलाओं का मधुर मंचन किया जाएगा। 
इस अवसर पर सनातन धर्म मंडल के विजय गोयल, हरिशंकर सिंघल, रमेशचंद्र गोयल लल्ला, राकेश बंसल, प्रदीप सिंघल, राजेश बंसल, रविन्द्र चौबे, नरेन्द्र मंगल, मोहनलाल अग्रवाल,  नारायण बृजवासी, संदीप वैश्य, मनोज सांघी सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्य व श्रद्धालु उपस्थित थे।