मप्र सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना:जौहरी

Jun 25 2025

ग्वालियर। शहर जिला कांग्रेस विकलांग कल्याण प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं आरटीआई ऐक्टिविस्ट अनूप जौहरी ने लाडली बहना योजना के तहत 1250 रुपए प्रति माह व 3 हजार रुपए तक देने की योजना में दिव्यांग जनों को नजर अंदाज किए जाने को लेकर इंदौर उच्च न्यायालय में एक याचिका सितम्बर 2023 में लगाई गई थी। 
इंदौर उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी एवं न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की डबल बेंच ने राज्य शासन को आदेश दिया था कि दिव्यांग जनों की पेंशन राशी 45 दिन में लाडली बहना योजना में मिलने वाली राशी से 25 प्रतिशत अधिक यानी 1562 रुपए प्रतिमाह दिये जाने के राज्य शासन को निर्णय लेने हेतु निर्देश दिए थे। नियमानुसार शासन किसी को प्रतिमाह सहायता राशि देता हे तो 2016 दिव्यांग अधिकार अधिनियम की धारा 24(1) के अनुसार दिव्यांग जनों को मिलने वाली सहायता राशी अन्य योजनाओं में दी जाने वाली राशी से 25 प्रतिशत अधिक होना अनिवार्य है। 
उक्त आदेश की अवमानना ही नहीं, इसके साथ ही 2023 के विधानसभा चुनाव एवं 2024 के लोक सभा चुनाव में भाजपा के द्वारा किए गए मैनी फेस्टो में दिव्यांगजनों की इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1500 रुपये किए जाने के वादे को ढाई साल में भी पूरा नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए जौहरी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने अगर शीघ्र दिव्यांगजनों के सामाजिक सुरक्षा पेंशन उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 1500 रुपये नहीं की तो हमारा संगठन राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना किये जाने को लेकर जबलपुर उच्चतम न्यायालय में कोर्ट ऑफ दकंटम लगाने के लिये बाध्य होगा।