ग्वालियर में मप्र सरकार की विशेष कैबिनेट आयोजित की जाएगी:मुख्यमंत्री यादव

Jun 19 2025

ग्वालियर। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में उनकी स्मृति में ग्वालियर में मध्य प्रदेश सरकार की विशेष कैबिनेट आयोजित की जाएगी। वे लक्ष्मीबाई समाधि प्रांगण में वीरांगना बलिदान मेला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 
मुख्यमंत्री ने डॉ. यादव में कहा कि ग्वालियर को आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। वीरांगना बलिदान मेला के संस्थापक जयभान सिंह पवैया मेला को लेकर जो भी संकल्पना करेंगे मप्र सरकार उसे साकार करने में कोई कसर नहीं रखेगी। सुभद्रा कुमारी चौहान यदि खूब लड़ी मर्दानी झांसी की रानी कविता नहीं लिखतीं तो शायद देश के लोगों को वीरांगना के बलिदान की गाथा सुनने को नहीं मिलती। इस अवसर पर उन्होंने बलिदान में मेला में हरवर्ष झांसी की रानी की महानाट्यं का मंचन करती आ रही संस्था वंदे मातरम् को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की एवं सुंदर महानाट्य के लिए निर्देशक चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार की सराहना की।
मेला के संस्थापक जयभान सिंह पवैया ने कहा कि सन् 2000 में फूलबाग मैदान में आचार्य धमेंद्र की कथा चल रही थी और कथा के दौरान व्यास पीठ के दौरान मुझसे उन्होंने कहा कि मैंने तो सुना था, शहीदों की याद में मेले लगाए जाते हैं, लेकिन वीरंगना लक्ष्मीबाई की याद में तो कोई मेला नहीं लगता, जिसके बाद मैंने ग्वालियर के नागरिकों के साथ मिलकर सन् 2000 से वीरंगना बलिदान मेला आरंभ कराया, जिसका यह 26वां वर्ष है।
झांसी की रानी समेत स्वातंत्र समर के अनेक क्रांतिकारियों की वीरगाथा को ध्वनि और प्रकाश पर आधारितं नाटक खूब लड़ी मर्दानी महानाट्य में 350 साल का इतिहास दिखाया गया। रानी झांसी की घुड़सवारी और युद्ध के दृश्यों ने नाटक का जीवंत कर दिया। महानाट्य में घोड़े, ऊंट के साथ रथ बग्घी और बैलगाड़ी के प्रयोग ने इस नाटक को किसी फिल्म सेट की तरह बदल दिया। इसमें इलेक्ट्रॉनिक एवं मैनुअल दोनों प्रकार की आतिशबाजी का प्रयोग किया। वहीं हाइड्रोलिक मंच के अलावा कई मंच अलग से बनाए गए, जिन पर नाटक के अलग-अलग दृश्यों का मंचन हुआ। नाटक में महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह में कलाकारों ने सामूहिक नृत्य कर समां बांध दिया।
कवि सम्मेलन हुआ 
समारोह के अंतिम चरण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें पश्री सुरेद्र दुबे, अरुण जैमिनी, विनित चौहान, भुवन मोहिनी, सुरेश अलवेला, शशिकांत यादव, योगेंद्र शर्मा, गौरव चौहान एवं दिनेश जोशी ने अपनी कविताओं से श्रोताओं में जहां देशभक्ति का भाव जाग्रत किया, वहीं हंसाहंसाकर लोटपोट भी किया।