खूब लड़ी मर्दानी नाटक के रिहर्सल शुरू

Jun 12 2025

ग्वालियर। बंद अभिनय के दौरान चेहरे पर भाव स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए। बिना के भाव के अभिनय शून्य है। यह बात नाट्य निर्देशक अनिल तिवारी ने कही। वह खूब लड़ी मर्दानी नाटक के रिहर्सल के दौरान अभिनय की बारीकियों से युवा कलाकारों को परिचित करा रहे थे। चंद्र प्रताप सिकरवार द्वारा निर्देशित इस नाटक का मंचन बलिदान दिवस पर 18 जून को लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने स्थित मैदान में किया जाएगा। इन दिनों यह रिहर्सल गोरखी सरस्वती शिशु मंदिर में चल रही है।
चंद्र प्रताप सिकरवार ने बताया कि इस बार नाटक को और भावना प्रधान बनाया गया है, ताकि लोग झांसी की रानी के योगदान को और अच्छे से समझ सकें। लगभग 60 मिनट अवधि के इस नाटक में इस बार 250 युवा कलाकारों की भूमिका अलग-अलग किरदारों में दिखाई देगी, जो कि पिछली बार से 25 अधिक है। इस बार के नाटक में लक्ष्मीबाई के किरदार को 16 महिला कलाकारों द्वारा निभाया जाएगा।