छात्र संगठन एआईडीएसओ ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा

Jun 06 2025

ग्वालियर। प्रवेश प्रक्रिया में आ रही जटिलताओं को दूर करने की मांग पर आयोजित प्रदेशव्यापी विरोध दिवस के अवसर पर शासकीय हमीदिया कॉलेज में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन की भोपाल जिला संयोजक सोनम शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में छात्रों व शिक्षा पर लगातार प्रयोग जारी हैं।
मप्र इसकी सबसे बड़ी प्रयोगशाला बन गयी है। हाल में ही उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है जिसके तहत स्नातकोत्तर डिग्री में प्रवेश के लिए यूजी में मेजर /माइनर विषयो को अनिवार्य किया गया है। जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मल्टीप्ल चॉइस, मल्टीप्ल एंट्री एग्जिट की बात कहती है जो आपस में विरोधाभासी है। इस नियम के कारण छात्र मेजर/ माइनर के अलावा अन्य तीसरे विषय से स्नातकोत्तर की डिग्री नहीं कर सकता है। विज्ञान व कॉमर्स के छात्र कला संकाय के विषयों से एमए नहीं कर सकते हैं। जिसके कारण हजारों छात्र स्नातकोत्तर डिग्री से वंचित हो जाएंगे क्योंकि स्नातकोत्तर विज्ञान संकाय में सीट संख्या कम रहती है, छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में भागीदारी के लिए एमए करते हैं तथा कई छात्र स्नातकोत्तर में एक से अधिक डिग्री कर अलग अलग विषयों में अपने ज्ञान का विस्तार कर सकते थे। व आगे रिसर्च में जाते हैं। मेजर/माइनर विषय की अनिवार्यता से सभी छात्र एक झटके में स्नातकोत्तर डिग्री से वंचित हो जाएंगे। जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं। सवाल उठता है कि आखिर पीजी शिक्षा प्रणाली में इस बदलाव की आवश्यकता क्या है? क्या किसी भी छात्र या प्रोफसर ने इसकी मांग की है? बल्कि सभी एक सुर में इसका विरोध कर रहे हैं। 
शिक्षा प्रणाली में बदलाब के लिए लोकतान्त्रिक छात्र संगठन एआईडीएसओ ने इस अवसर पर निम्न मांगे की हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए स्नातक के मेजर/माइनर विषय की अनिवार्यता को रद्द किया जाये। प्रवेश प्रक्रिया की तमाम जटिलताओं को दूर किया जाए। ऑनलाइन के साथ साथ ऑफलाइन प्रवेश के लिए भी विकल्प दिया जाए। पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में बस सुविधा के नाम पर की गई फीस वृद्धि को वापस लिया जाए व किसी भी नाम पर फीस बढ़ाने पर रोक लगाई जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रदेश में क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए।