न्याय, सुशासन और धर्म परायण की प्रतीक थी लोकमाता अहिल्याबाई-जयप्रकाश

Jun 01 2025

ग्वालियर। अहिल्याबाई न केवल अपने समय की एक अद्भुत प्रशासक थीं, बल्कि वे एक न्याय, आदर्श सुशासन धर्मपरायण और मानवता की सच्ची सेविका थीं। यह बात भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर मांडरेवाली माता स्थित अहिल्याबाई जी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते कहीं।
भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने कहा कि लोकमता देवी अहिल्याबाई होल्कर का शासन, न्याय और सुशासन का अनूठा उदाहरण है। वह कुशल प्रशासक, बुद्धिमान और रणनीति कार महिला शासक रही है। दार्शनिक राजा होने के साथ वह कुशल वक्ता भी थी । उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र की महारानी देवी अहिल्याबाई होलकर शिवजी की परम भक्त थीं तथा वे शिवभक्ति की आराधना में लीन होते हुए शासक के रूप में कुशल रणनीति और कुशल कूटनीति का उत्कृष्ट उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा कि इतिहास में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर अकेली महिला शासक रही, जिन्होंने 3 दशकों तक शासन किया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने किसानों को सशक्त करने के अनेक तालाब कुएं और बाबडियो का निर्माण करवाया था। वहीं उन्होंने कई किले, सडक़ें, कुएँ और धर्मशाला बनवाने में भी मदद की। उन्होंने महेश्वर में एक कपड़ा उद्योग की स्थापना की, जिसने महेश्वरी साडिय़ों को जन्म दिया जो आज भी बनाई जाती हैं।
 लोकमाता अहिल्याबाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में जयप्रकाश राजौरिया, अभय चौधरी, रमेश अग्रवाल, दीपक शर्मा, विनोद शर्मा, विनय जैन, राजू पलैया, हरिपाल, समीक्षा गुप्ता, राकेश माहौर, सतीश बोहरे, अमर कुटे, अनिल सांखला, बिरजू शिवहरे, हरीबाबू शिवहरे, गिराज व्यास, सुनील भदौरिया, जयसिंह सेंगर, श्रीमती वंदना प्रेमी सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल थे।