अर्जुनदेवजी का शहीदी दिवस 30 मई को

May 29 2025

ग्वालियर। सिखों के 5वें गुरु अर्जुनदेवजी का शहीदी दिवस आज शुक्रवार 30 मई को मनाया जाएगा। इस दौरान जगह-जगह छबील, लस्सी का वितरण किया जाएगा और गुरु का लंगर लगाया जाएगा। फूलबाग स्थित गुरुद्वारा में गुरु अर्जन देवजी के जन्म से लेकर शहीद होने तक की बातें बताई जाएंगी।
सिख समाज के गोविंद सिंह ने बताया कि गुरु अर्जनदेव का जन्म पंजाब के गोइंवाल साहिब में 15 अप्रैल 1563 में सिखों के चौथे गुरु रामदास साहिब के घर में हुआ। अपने पिता से ज्ञान लेकर उन्होंने 1581 में गुरु गद्दी प्राप्त प्राप्त की। उन्होंने ही 1588 में स्वर्ण मंदिर (हरिमंदिर साहिब) बनवाया। साथ ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब की रचना भी की। इसमें विभिन्न धर्म-संप्रदाय के कबीर, फरीद, नामदेव, रविदास जैसे 15 संत-महात्माओं की वाणियों को संकलित कर ऊंच-नीच खत्म की। मुगल बादशाह जहांगीर ने बगावत का आरोप लगाकर उन्हें लाहौर में गिरफ्तार कराया और इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया। गुरु महाराज को तपते तवे पर बैठाया, सिर पर गर्म रेत रखी, कई दिनों तक विभिन यातनाएं दीं गईं। गुरु महाराज 1606 में शहीद हो गए।
सिखों के पांचवें गुरु गुरु अर्जनदेव साहिब का शहीदी पर्व का शुभारंभ फूलबाग गुरुद्वारे अखंड पाठ साहिब से होगा। गुरुद्वारे में गुरुवार शाम आठ बजे से 10.30 बजे तक कीर्तन दरबार सजेगा। इसमें बारामूला से आए जत्थे गुरु की महिमा का बखान करेंगे। मुख्य कार्यक्रम 30 मई को गुरुद्वारा फूलबाग में आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार सुबह 8 बजे अखंड पाठ साहिब का भोग लगेगा। वहीं ठंडे पानी की छबीलें लगाई जाएंगी। इस अवसर पर पंजाबी परिषद द्वारा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को शरबत वितरित किया जाएगा।