21 फीट ऊंची भगवान शांतिनाथ स्वामी की प्रतिमा का किया महा मस्तकाभिषेक

May 29 2025

ग्वालियर। आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ससंघ मुनिराजों के सानिध्य में जैन धर्म के 16वे तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ स्वामी के जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर दिगम्बर जैन बीसपंथी बडा मंदिर प्रबंधक कमेटी ग्वालियर के तत्वाधान में गेंडे वाली सडक़ स्थित जैन नसिया में विराजित 21 फीट ऊंची प्राचीन भगवान शांतिनाथ स्वामी की प्रतिमा का महा मस्तकाभिषेक पंडित चंद्रप्रकाश चन्दर के मार्गदर्शन में किया गया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि आचार्यश्री सुबल सागर महाराज के सानिध्य में 21 फीट ऊंची गडग़ासन भगवान शांतिनाथ की प्राचीन प्रतिमा का जैन समाज के लोगो ने केसरिया वस्त्रों में कलशों से अभिषेक जल, इज्छु रास, आमरस, नारियल का पानी, दूध, दही, घी, हल्दी, कुमकुम, केशर, चावल चूर्ण, पुष्प एवं सर्वोषधि से भरे कलशों से महा मस्तकाभिषेक किया गया। जब भगवान की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का कलशों से अभिषेक करते समय से प्रतिमा सतरंगी हो गई। 
जैन तीर्थ हमारे देश की संस्कृति के माथे के तिलक-आचार्यश्री
आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जैन तीर्थ हमारे देश की संस्कृति के माथे के तिलक होते हैं। इसमें प्राचीन तीर्थ तो देश की वह धरोहर है जिनकी कीमत तो केवल श्रद्धालुओं द्वारा तीर्थ वंदना की जाने वाले अनन्तानंत श्रद्धाभक्ति के भावों से पहचानी जा सकती है। अंतरंग भावों से की गई भक्ति आध्यात्मक और ध्यान के रंगों से सराबोर कर देती है। आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ससंघ का आज सुबह नई सडक़ से पद विहार जैन तीर्थ सोनागिर के लिए हुआ। आचार्यश्री ससंघ के मंगल विहार में जैन समाज के लोगो ने बड़े उत्साहित होकर पद विहार मालवा कॉलेज सिथौली तक कराया।