महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद को विदा करते वक्त भावुक हुए श्रद्धालु

May 25 2025

ग्वालियर। महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती आठ दिन ग्वालियर मेें बिताने के बाद श्री भाव भावेश्वर तीर्थ वरूमाल के लिए रवाना हो गया। उनके शिष्यों ने विमानतल पर उन्हें नम आंखों के साथ भावभीनी विदाई दी। 
इस मौके पर उन्होंने शिष्यों एवं श्रद्धालुओं से कहा कि जो छह दिन मैंने जो उपदेश दिया है उसे जीवन में उतारने  का प्रयास करो। हृदय परमात्मा के चरणों में समर्पित कर दो। परमात्मा के लिए आंसू बहाओगे तो वो उन्हें मोती पहनकर गले में पहन लेगा घर से यदि पांच बार भगवान का नाम बोलकर निकलोगे तो आपके काम खुद व खुद होने लगेंगे और विघ्न दूर हो जाएगा। भगवान के नाम में बहुत शक्ति होती है भगवान के सामने सिर झुकाएंगे, तो दुनिया तुम्हारे सामने झुकने लगेगी। ये मैं अपनी अनुभव सिद्ध वाणी से कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि संसारी भोगों के लिए रोता है और साधु संत और भक्त भगवान के लिए रोते हैं। जिनका मन प्रभु में लग गया उसे सब प्रेम करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि तुमने दिल दुनिया को दिया मैंने कन्हैया को दिया। मेरे कंठ में भाव भावेश्वर कान्हा के रूप में बैठे हैं। उन्होंने एक शायरी के माध्यम से ईश्वर भक्ति का संदेश देते हुए कहा किक्यों न दें दिल उसी को जिसने हमें दिल दिया है।