धार्मिक पाठशाला ही बच्चों को धर्म संस्कार से जोड़ती है: डॉ. जैन

May 23 2025

ग्वालियर। बच्चे परिवार की किलकारी, समाज की शोभा ओर सारे देश का भविष्य हैं। हर माता पिता को अपने बच्चों को लौकिक शिक्षा के साथ धर्म संस्कारों की सीख भी देना चाहिए। बच्चों की शिक्षा और संस्कार अच्छे है तो उन्हें जीवन मे आगे बढऩे से कोई भी नहीं रोक सकता। धार्मिक पाठशाला ही बच्चों को धर्म संस्कार से जोड़ती है। यह बात युवा जैन मिलन नेमिनाथ शाखा ग्वालियर की ओर दाना ओली स्थित दिगंबर पार्श्वनाथ जैन नया मंदिर में आयोजित आठ दिवसीय जैन बाल संस्कार शिविर में  मोटिवेशन गुरु डॉ विकास जैन ने बच्चों को संस्कार का महत्व बताते हुए कही। शिविर में सांगानेर से आए विद्वान अरिहंत शास्त्री ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि जीवों की रक्षा करना हमारा धर्म है। गर्मी के दिनो में हम सभी का फर्ज बनाता है कि मूक पक्षियों को अपनी छतों पर पानी और खाने के लिए रखना ही हमारा धर्म कर्तव्य है। घरों के बाहर बाल्टियों मे गायो के लिये भी पानी रखना चाहिए, क्योकि गाय हमारी माता है और गर्मियों से हमे इन्हे बचाना है।