सद्गुरू की कृपा से उठ जाता है माया का पर्दा-स्वामी विद्यानंद

May 22 2025

ग्वालियर। माया का कारण संसार के विषयों में आकर्षण बना रहता है। इस पर विजय प्राप्त करने बहुत कठिन हैं, क्योंकि माया बहुत प्रबल है,लेकिन जब सद्गुरू की कृपा हो जाती है तो माया से पर्दा हट जाता है। यह विचार महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती ने सनातन धर्म मंडल में श्रीमद्भागवत के प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम जिस सुंदर शरीर पर अभिमान करते हैं, वो मल मूत्र और मांस से युक्त है और जिसकी सुंदरता स्थायी नहीं हंै। फिर हम देहाभिमान क्यों करते हैं। हम धन को भी संजोकर एवं छिपाकर रखते हैं,लेकिन लक्ष्मी का स्वभाव चंचल है, वो कभी एक स्थान पर कभी नहीं टिकती है। धन आज तक किसी के साथ नहीं जाता है। संसार के सारे एश्वर्य क्षणभंगुर हैं, इसलिए विषयों से न दोस्ती करेें और न दुश्मनी करें। आत्म कल्याण चाहते हो तो विषयों में ज्यादा मत घुसो, अन्यथा निकलना मुश्किल होगा। 
राजा महाराज का वैभव भी स्थायी नहीं है,इसलिए संभल जाओ और आत्म साक्षात्कार करने गुरू की शरण में जाओ। अंतकरण से अभिमान निकल जाता है तो गुरू की महिमा समझ आने लगती है। संसार से जब दूर जाने लगोगे,तो खुद के करीब आने लगोगे। जिसने खुद को पहचान लिया, उसे भगवत प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता है। 
14 जुलाई से होगी विद्यानंद की भागवत कथा
इस मौके पर सनातन धर्म मंडल के अध्यक्ष विजय गोयल ने जानकारी दी कि 23 मई को गुरूदेव स्वामी विद्यानंद सरस्वती का जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। शाम सात बजे भजन मंडलियां बधाई गीत गाएंगी। 8 बजे से स्वामीजी के प्रवचन होंगे। तत्पश्चात मंडल की ओर से उनका सम्मान किया जाएगा। अंत में शिष्यगण उनका पूजन कर प्रसाद ग्रहण कर विदा होंगे। उन्होंने बताया कि पवित्र श्रावण मास में 14 से 24 जुलाई तक रंगमहल मेें एक बार फिर से ग्वालियरवासी स्वामी विद्यानंद के मुख से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर सकेंगे। 
इस मौके पर सनातन धर्म मंडल के विजय गोयल, हरीशंकर सिंह, रमेश गोयल लल्ला, राजेश वंसल, राकेश वंसल, नारायण ब्रजवासी, सुरेश वंसल, आरके खेतान, सुनील अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अरविंद त्रिपाठी, सुनील शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।