ग्वालियर सेंट्रल जेल में हत्याकांड के आरोपी ने फांसी लगाई, मौत

May 20 2025

ग्वालियर। दो साल पहले डबरा के व्यापारी के बेटे चिराग उर्फ सागर शिवहरे की हत्या के आरोपी शिवम जादौन 29 ने सेन्ट्रल जेल में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना उस समय की है, जब दैनिक दिनचर्या के लिए कैदियों को बाहर निकाला गया था। शिवम एक कंडम बैरक में गया और वहां उसने साफी (टॉवेल) से फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
जब बंदियों की गणना की गई तो वह नहीं मिला। दस मिनट बाद एक और बंदी उसी बैरक में गया तो वहां शिवम को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन हरकत में आया और तत्काल पुलिस को सूचना दी है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मॉर्च्युरी पहुंचा दिया है।
सुसाइड करने वाले हत्याकांड के सह आरोपी शिवम की दो दिन पहले जमानत याचिका खारिज हुई थी। उसी के बाद से शिवम जादौन उदास था। जिस लडक़ी दृष्टि ग्रोवर के पीछे चिराग की हत्या हुई थी, उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया था। कुछ दिन पहले ही लडक़ी जमानत पर बाहर आई है।
चिराग हत्याकांड के मास्टर माइंड व शिवम के छोटे भाई अंश जादौन ने दो साल पहले विश्वविद्यालय थाने की हवालात में फांसी लगाने का प्रयास किया था। समय रहते वहां ड्यूटी कर रहे सिपाही की नजर उस पर पड़ी तो उसने धक्का देकर उसे नीचे गिराया और जान बचा ली। घायल हालत में आरोपी को पुलिस ने प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
बतादें कि ग्वालियर के डबरा स्थित ठाकुर बाबा रोड निवासी व्यापारी अनिल शिवहरे के बेटे सागर उर्फ चिराग शिवहरे 24 वर्ष घर से 7 जुलाई 2023 को कुछ देर में वापस आने का कहकर घर से निकला था। चिराग के रात तक नहीं आने पर परिजन डबरा थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस को छानबीन में चिराग की प्रेमिका दृष्टि ग्रोवर और उसके नए प्रेमी अंश जादौन की भूमिका सामने आई।
पहले लडक़ी को पकडक़र पूछताछ की उसके बाद अंश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था। अंश ने अपने साथियों के साथ मिलकर चिराग की हत्या की। इसके बाद उसकी लाश को जलाकर अगले दिन अस्थियां नाले में बहा दी। पुलिस ने इस मामले में अंश सहित दो आरोपियों को पकड़ा। मृतक की प्रेमिका ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
दो साल साल पहले हत्या वाले दिन मास्टर माइंड अंश जादौन ने 8 जुलाई 2023 की दोपहर चिराग को वॉटसएप कॉल किया था। उसे कहा कि तेरी प्रेमिका धोखा दे रही है। वह मेरे साथ भी रिलेशन में है। सबूत दिखाने के लिए दर्पण कॉलोनी थाटीपुर रूम पर बुलाया। यहां चिराग पहुंचा, तो उसे कई सबूत भी दिए। इसके बाद चचेरे भाई के साथ गला दबाकर चिराग की हत्या कर दी थी।
इस मामले में जेल अधीक्षक विदित सरवैया ने कहा कि शिवम नाम के बंदी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। उसने कंडम बैरक में जाकर साफी से फंदा बनाकर फांसी लगाई है। मामले की जांच बहोड़ापुर थाना पुलिस कर रही है।