एक पेड़ की रक्षा से मिलता है हजारों यज्ञ का फल:कौशिक महाराज

May 18 2025

ग्वालियर। सभी देवी देवता बेल वृक्ष की पूजा करते हैं। भगवान महादेव स्वयं बेल वृक्ष में विराजमान हैं। बेल वृक्ष पेड़ों की रक्षा का संदेश देता है। पूजा के बाद जो शिवलिंग पर बेलपत्री चढ़ाते हैं। भगवान शिव उन्हें कभी नहीं छोड़ते हैं। रावण कैसा भी हो लेकिन उसने भी शिव की आराधना की। उन्होंने कहा कि यदि हम एक वृक्ष की रक्षा कर लेते हैं तो हजारों यक्ष का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है इसलिए पेड़ अवश्य लगाइए और प्रकृति की रक्षा करें। यह विचार कौशिक महाराज ने शिवलोक फूलबाग में आयोजित शिव पुराण महाकथा के पांचवें दिन रविवार को व्यक्त किए। इस मौके पर दंदरौआ हनुमान मंदिर के महामंडलेश्वर रामदास महाराज का विशेष सानिध्य रहा। कार्यक्रम संयोजक विधायक डॉ .सतीश सिकरवार ने व्यासपीठ एवं दंदरौआ महाराज की चरण वंदना की ओर व्यास पीठ की पूजा कर आरती की।
कथा पांडाल में भारत की ऑपरेशन सिंदूर पर विजय को लेकर उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हमारी माता बहिनों के सम्मान का प्रतीक है। माता को भी अपने पति और देवी देवताओं के सामने माथे पर बिंदी और मांग में सिंदूर लगाकर ही जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव नाम की ऐसी महिमा है कि उसका जाप करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
कौशिक महाराज ने बताया कि भोजन करने के बाद पान पर चूना लगाकर ग्रहण करने से हाथों से अमृत टपकता है, जिससे शरीर के सारे टॉक्सिंस खत्म हो जाते हैं। बच्चों को चने के दाने के बराबर चूना खिलाने से उनकी लंबाई बढ़ जाती है। चूना 72 बीमारियों को खत्म कर देता है । वात पित्त कफ रोग से मुक्ति दिला देता है। जिनके पेट में गैस बनती है उनके लिए चूना वरदान है। इसलिए लोगों को चूना ना लगाएं। पान के पत्ते पर चूना लगाकर खाएं।पीलिया में गन्ने के रस में चूना ले चूने का उपयोग करने से दांत भी खराब नहीं होते। हर रोज 10 12 मिनट व्यायाम करने से शरीर स्वस्थ और सुंदर हो जाता है।
उन्होंने बताया कि गौतीर्थ गौशाला वृंदावन में भी 11 जुलाई को 11 लाख शिवलिंग का निर्माण श्रद्धालु करेंगे। उन्होंने बताया कि गुरु वो जो शिष्य का गौरव बढ़ा दे और शिष्य वो जो गुरु के अनुशासन में रहे। इस मौके पर राजकुमार आचार्य, राम पांडे, प्रेम पचौरी, श्रीमती ममता कटारे, सीमा समाधिया, महेंद्र शुक्ला, कथा परीक्षत नरेंद्र शर्मा, रामबाबू अग्रवाल सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।