धर्म पर जो चलता है धर्म सदैव उसकी रक्षा करता है-आचार्य बृजेश पांडे

May 14 2025

ग्वालियर। भारत विकास परिषद शाखा सहयोग, मां अन्नपूर्णा भोजन सेवा समिति एवं अखिल भारतीय अग्र वैवाहिक सेवा केंद्र के सहयोग से राम मंदिर फालका बाजार में प्रतिदिन चल रही भागवत कथा में व्यास पीठ से तृतीय दिवस पर कथा वाचक पंडित बृजेश पांडे शास्त्री महाराज ने ध्रुव चरित्र का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भजन और भगवान को प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती ।भक्त प्रहलाद ने 5 वर्ष आयु में भगवान को प्राप्त किया, भक्त प्रहलाद जैसा पुत्र हो तो वह अपने माता-पिता की भी सद्गति कर देता है। सती अनसूया चरित्र पर आचार्य बृजेश पांडे ने कहा कि हमारी मातृशक्ति अपने पात्रता धर्म के बल पर सती अनसूया की तरह भगवान को भी बालक बना लेती है। धर्म में एक अद्भुत ताकत होती। समुद्र मंथन एवं बाली बामण की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि मनुष्य को दान पर कभी अभिमान नहीं करना चाहिए। क्योंकि जब राजा बलि ने अभिमानवस प्रभु से कहा की प्रभु आपको तो दान मांगना भी नहीं आता है, में तो बहुत बड़ा दानी हूँ बस आपने तो केवल तीन पग ही पृथ्वी मांगी, तब भगवान ने अपना विराट स्वरूप धारण किया और एक में आकाश मंडल, दूसरे में भूमंडल और तीसरा चरण रखने की जगह ही नहीं बची, तब राजा बलि को एहसास हुआ कि मैंने अभिमान बस ये क्या किया। अभिमान के दूर करने के लिए प्रभु ने विराट रूप धारण किया राजा बलि तुरंत चरणों में झुक गए। 
इसलिए कहते हैं मनुष्य को दान पर अभिमान नहीं करना चाहिए, दान वह होता एक हाथ से दे तो दूसरे को पता भी ना चले, जो धर्म पर चलता है धर्म सदैव उसकी रक्षा करता है, धर्मो रक्षति रक्षिता है। इस अवसर पर संत कृपाल महाराज, मप्र कैट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने बृजेश पांडे से आशीर्वाद लिया।
कथा में मुख्य यजमान राजकुमार गर्ग, अनूप अग्रवाल, दिनेश चंद्र बंसल, वेदप्रकाश बंसल, राम उपाध्याय, वीके शर्मा, रवि गर्ग, मीछिया प्रभारी अशोक गर्ग आदि उपस्थित थे।