शिवपुराण की कलश यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु

May 14 2025

ग्वालियर। विश्व जागरण मानव सेवा संघ चेरिटेबल ट्रस्ट की ग्वालियर शाखा द्वारा 14 मई से 23 मई तक शिवलोक धाम फूलबाग मैदान में शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा से पूर्व बुधवार की शाम सनातन धर्म मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें शहर के हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत कर पुण्य लाभ हासिल किया। बुधवार शाम सनातन धर्म मंदिर अचलेश्वर मार्ग से कलश यात्रा आरंभ हुई, जिसमें शिवमहापुराण की रसवर्षा करने पाले कौशिक महाराज बग्घी पर सवार होकर चले।  
कार्यक्रम संयोजक विधायक सतीश सिंह सिकरवार एवं महापौर शोभा सिकरवार सिर पर शिव महापुराण की पोथी लेकर चलीं। इस दौरान यात्रा मार्ग में खूब आतिशबाजी भी की गई। जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्पवर्षा कर आमजनों द्वारा स्वागत किया गया। कलश यात्रा सनातन धर्म मंदिर से शुरू होकर इंदरगंज चौराहा, जयेन्द्रगंज, नदी गेट, गुरूद्वारा, डी.डी. मॉल होते हुये कथा स्थल पहुंची। देरशाम फूलबाग स्थित शिवलोक धाम कथा स्थल पर पहुंचने पर विधायक सतीश सिकरवार एवं महापौर शोभा सिकरवार ने पोथी पूजन किया। 
गौतीर्थ गौशाला में सहयोग करें: कौशिक महाराज
 इस मौके पर पुराण मनीषी कौशिक महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिन माताओं को कलश उठाने का सौभाग्य मिला है, उन्हें प्रभु का धन्यदाव देना चाहिए, क्योंकि कलश उठाने का पुण्य तुलसी पूजा के समान फलकारी है। मैं ग्वालियर मेें सिर्फ कथा सुनाने नहीं बल्कि यहां के लोगों से गौतीर्थ तुलसी तपोवन के लिए सहयोग लेने भी आया हूं, जो देश की सबसे बड़ी गौशाला है, जिसमें अभी 20 हजार गायों की एक ही छत के नीचे सेवा हो रही है, जिसे बढ़ाकर एक लाख तक पहुंचाना हैं, इसमें ग्वालियरवासियों का सहयोग भी अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ के श्रेष्ठ मास मेें यह शिवपुराण कथा हो रही है, जिसके श्रवण से पीढिय़ों को पुण्यफल हासिल होगा। जिन माताओं ने कलश उठाएं हैं, वे हर रोज एक दिया महादेव का जलाएं। 
चप्पल उठाऊंगा पानी पिलाऊंगा-विधायक सतीश सिकरवार
 इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि देश के हालातों के चलते ऐसा लग रहा था कि कथा शायद ही हो पाएगी, लेकिन ग्वालियर वासियों को अब अगले नौ दिन तक शिवमहापुराण सुनने का सौभाग्य मिलेगा। मुझे महाराजजी की ओर से जब कथा संयोजक बनने को कहा गया तो मैंने हां करने में एक मिनट भी नहीं लगाया। मैं इस आयोजन में चप्पल उठाने से लेकर पानी पिलाने तक का काम करूंगा। 
इस अवसर पर पं. रामदेव शास्त्री, उमेश उप्पल, राम पाण्डेय, रामबाबू अग्रवाल, अवधेश कौरव, महेन्द्र शुक्ला एवं आदित्य शर्मा इत्यादि लोग मौजूद रहे।