बीएसएफ टेकनपुर हेडक्वार्टर के पास वर्दी में घूमता मिला संदिग्ध युवक पकड़ा

May 12 2025

ग्वालियर। बिलौआ थाना क्षेत्र में बीएसएफ टेकनपुर हेडक्वार्टर के पास पुलिस ने गत देर रात एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। युवक मकोड़ा गांव के पास बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) की हवलदार रैंक की वर्दी पहनकर घूम रहा था। जब पुलिस ने उसे रोका और पहचान पत्र मांगा तो वह घबरा गया और कोई वैध आईडी नहीं दिखा सका। उसके पास एक बैग था, जिस पर राहुल सिंह (एचसी) यूनिट एसटीसी लिखा हुआ था।
युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के रहने वाले 26 वर्षीय राहुल सिंह पुत्र मलखान सिंह जाटव के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने पहले बताया कि उसका बड़ा भाई बीएसएफ में है, लेकिन जब पुलिस ने उससे भाई का नाम पूछा तो वह नहीं बता सका। बाद में जांच में सामने आया कि उसका कोई भाई बीएसएफ में नहीं है।
बिलौआ थाना पुलिस युवक को थाने ले गई और वहां जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने कबूल किया कि उसने बीएसएफ में भर्ती की परीक्षा दी थी, लेकिन सिलेक्शन नहीं हुआ। इसके बावजूद उसने अपने घर में यह झूठ बोल दिया कि उसका चयन हो गया है। वह मकोड़ा में ही रहकर बीएसएफ की वर्दी पहनता था ताकि परिजनों को लगे कि वह ड्यूटी पर है। वह वर्दी में घर भी जाता था और लौटता भी उसी वेश में था।
पुलिस को युवक के बैग से दो जोड़ी सिविल ड्रेस, एक बीएसएफ की वर्दी और बैग मिला है। वर्दी को जब्त कर लिया गया है। हालांकि उसके पास से कोई हथियार या जासूसी उपकरण नहीं मिला है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि युवक को यह वर्दी और बैग कहां से मिले, क्योंकि बीएसएफ और टेकनपुर जैसे हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में बिना अधिकृत आईडी वर्दी मिलना संभव नहीं है
बिलौआ थाना प्रभारी इला टंडन ने बताया कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले और भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाक तनाव को देखते हुए ग्वालियर को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। जिसके चलते एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर बीएसएफ टेकनपुर हेडक्वार्टर के आसपास पुलिस द्वारा विशेष गश्त की जा रही है। ऐसे में बीएसएफ परिसर के आसपास हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
गत देर रात मकोड़ा क्षेत्र में सूचना मिली कि बीएसएफ की वर्दी पहने एक युवक संदिग्ध रूप से घूम रहा है। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को रोका और पूछताछ की। वह पहले खुद को बीएसएफ जवान बताता रहा, लेकिन जैसे-जैसे सवाल बढ़े, वह घबराने लगा। जब आईडी कार्ड मांगा गया तो उसने कहा कि वह घर पर रह गया है। बाद में वॉट्सऐप पर दिखाने के लिए कहा गया तो भी वह सकपका गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह किसी और मकसद से तो वहां नहीं आया था। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि वर्दी और बैग उसे किसने दिए, और क्या वह किसी बड़े गिरोह या साजिश का हिस्सा है।