भगवान के उत्सव में शामिल होने से मिट जाते हैं विकार

May 10 2025

ग्वालियर। मराठा बोर्डिंग में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मणि विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास लाड़ली सरकरा ने कहा कि भगवान के उत्सव में शामिल होने से जीवन के सभी विकार मिट जाते हैं, इसलिए जहां भी भगवान का उत्सव मनाया जा रहा है वहां कुछ देर रुककर जरूर आनंद लेना चाहिए। इस अवसर पर धूमधाम से श्रीकृष्ण की बारात निकाली गई।
महाराष्ट्र हितचिंतक सभा द्वारा माधवीराजे सिंधिया की स्मृति में आयोजित भागवत कथा में शुक्रवार को गोपी गीत की कथा का रसपान कराते हुए लाड़ली सरकार ने कहा कि गोपियां साधारण स्त्रियां नहीं थीं बल्कि साधु संतों को कठिन तप के बाद गोपी के रूप में प्रभु का सानिध्य एवं भक्ति का अवसर मिला। गोपी कृष्ण का मिलन पिता-पुत्री के मिलन जैसा पवित्र था। उन्होंने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। गोपियों ने अपने भक्तिभाव से भगवान को प्रगट होने के लिए मजबूर कर दिया। भगवान को आज भी भाव से पुकारें तो वह अवश्य प्रकट होते हैं।