अजाक्स के होल्ड अकाउंट से निकाले गये 65 लाख के मामले में होगी एफआईआर:प्रांताध्यक्ष मौर्य

May 09 2025

ग्वालियर। मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के वर्तमान प्रांताध्यक्ष चौ.मुकेश मौर्य ने बताया कि रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं भोपाल से 16/02/23 को हमारी प्रांतीय कार्यकारिणी का अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत हमारे द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (टी.टी.नगर भोपाल) के अकाउण्ट नंबर 30332925970 एवं बैंक ऑफ इंडिया (अरेरा कॉलोनी) के अकाउण्ट नंबर 900210110004073 को स्टोप कर अजाक्स के पूर्व पदाधिकारियों द्वारा किये जा रहे बैंक लेन-देन पर रोक लगा दी गई थी, इसके बाद भी जेएन कांसोटिया ने अपने विभागीय पद के प्रभाव का दबाब बनाकर तथा बैंक प्रबंधन से साँठ-गाँठ बिठाकर स्टोप कराए गये बैंक अकाउंट से लगभग 65 लाख रुपये अवैध रूप से निकाल कर संगठन और समाज के साथ अमानत में ख्यानत की है, जबकि उक्त संदर्भ में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर आदेश क्रमांक- 12950/2024 पर रजिस्ट्रार,फर्म्स एवं संस्थाएं भोपाल के समक्ष हुई सुनवाई में भी जेएन कांसोटिया की अपील को अमान्य कर दिया गया था।
पूर्व प्रांताध्यक्ष जेएन कांसोटिया की इस असंवैधानिक एवं स्वार्थपूर्ण मानसिकता से एससी-एसटी संवर्ग के अधिकारी कर्मचारियों तथा इस संवर्ग की समाज में 21-22 वर्षों से चली आ रही इनकी हिटलर शाही तथा मप्र अजाक्स पर अवैध कब्जे के खिलाफ गहरा असंतोष व्याप्त हो रहा है जो कभी भी ज्वालामुखी की तरह फटकर सडक़ो पर आ सकता है।
कंसोटिया जो 31 अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, बाबजूद इसके कांसोटिया अपने तानाशाही पूर्ण रवैये को नहीं त्याग पा रहे हैं, अगर कांसोटिया की अनाधिकृत गतिविधियों को शासन स्तर से नहीं रोका गया तो मप्र अजाक्स के अधिकारी-कर्मचारी एवं समाज बंधु इनके खिलाफ़ सडक़ों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।                    
उक्त संदर्भ में अविलंब संज्ञान लेने हेतु हमने मप्र के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास करते हुए अनुरोध किया है कि आपके अधीन शासन में बैठे हुए जेएन कांसोटिया अपनी हठधर्मिता से साम-दाम-दंड भेद की नीति अपनाकर पिछले 21 वर्षों से अनुसूचित जाति-जनजाति संवर्ग के हक-अधिकारों के विरुद्ध कार्य करते हुए उनके खून पसीने के पैसों का खुलकर दुरुपयोग कर अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए समाज का दोहन कर रहा है। वहीं दूसरी ओर जे.एन.कांसोटिया शासन में बैठे होने का अनुचित लाभ उठाते हुए मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी होने वाले पत्रों को भी अपने पदीय प्रभाव के चलते अपने अधीनस्थ अधिकारियों से अपने अनाधिकृत अजाक्स पदाधिकारियों के हितों में जारी करवा रहे हैं, तथा शासन की कार्यवाहियों का खौफ़ दिखाकर हमारे पदाधिकारियों को जिला प्रशासन से परेशान करवा रहे हैं, जिससे हमारे पदाधिकारियों में इनके प्रति नाराजग़ी और रोष व्याप्त बढ़ता जा रहा हैं। अत: जेएन कंसोटिया की असंवैधानिक गतिविधियों पर अविलंब अंकुश लगाते हुए, इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जावे।      
कार्यवाही की माँग करने वालों में डॉ. घनश्याम परते, रामेश्वर पटेल, बीडी बंसकार, डॉ. अनिल अर्गल, डॉ आरबी धारिया, डॉ. मनीष कुमार शेन्डे, नत्थू सिंह अहिरवार, गिरीश दहायत, अशोक कटारिया, विशाल ओमप्रकाश बन्ने, एलआर अहिरवार, डॉ. विजय कुमार अरख, बलवीर सिंह परस्ते, छत्रपाल सिंह मर्सकोले, सुधीर कुमार राजनेगी, सरिता मड़ावी, भक्ति सिंह पट्टा, हेमराज सिंह टैगोर, मोहर सिंह, गोपीचंद जाटव, अशोक कुमार बौद्ध, गया सिंह तेकाम, राजेन्द्र सिंह धुर्वे, प्रदीप कुमार राही, मनोज कुमार अहिरवार, फूलचंद सिंह मरावी आदि शामिल हैं।