जमदारा से गंगाजल आया, परशुराम पालकी यात्रा के कलशों में रखा जाएगा 30 अप्रैल को

Apr 28 2025

ग्वालियर। सप्त ऋषियों में शामिल कश्यप, अगस्त्य, अत्रि, भारद्वाज, गौतम, वशिष्ठ, भृगु, के वंशज आप्टे की पायगा स्थित प्राचीन परशुराम मंदिर से रवाना होकर भगवान परशुराम की कर्मस्थली जमदारा पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान परशुराम का गंगाजल से अभिषेक कर उस जल का कलश लेकर ग्वालियर लौटे। ये जल 30 अप्रैल को निकाली जाने वाली परशुराम पालकी यात्रा से पहले निकलने वाली कलश यात्राओं के कलशों में रखा जाएगा। 
जमदारा गई सप्त ऋषि यात्रा की मुख्य संयोजक डा. वंदना भूपेंद्र प्रेमी, संयोजक मनोज त्रिपाठी, योगेंद्र दीक्षित थे। यात्रा में रेनू शर्मा, अरुण भार्गव के नेतृत्व में 31 सदस्य शामिल थे।
यात्रा जमदारा से वापस ग्वालियर लौटी तो झांसी रोड टेकरी वाले हनुमान के पास स्थित परशुराम मंदिर पर इसका स्वागत किया गया। यात्रा के वापस लौटने पर महासमिति के संस्थापक डॉ. जयवीर भारद्वाज ने कहा कि भगवान परशुराम की कर्मस्थली जमदारा में हर वर्ष वैशाख अमावस्या को रेणुका माता का मेला लगता है। जिसको लेकर इस बार वहां काफी उदासीनता देखने को मिली।
सतीश शर्मा केदारपुर के मुताबिक 30 अप्रैल को सुबह 7:30 बजे आप्टे की पायगा प्राचीन परशुराम परिवार मंदिर से निकलने वाली 108 परशुराम कलश यात्रा में मुख्य रूप से अण्णा मठ के महंत मनीष वि_ल अण्णा महाराज राम मंदिर फालका बाजार से निकलने वाली पालकी यात्रा में शामिल होंगे। वहीं, रामकुई गेंडेवाली सडक़ से निकलने वाली 108 परशुराम कलश यात्रा में जीण माता मंदिर के महंत रामाधार मुख्य अतिथि होंगे। दोनों कलस यात्राएं फालका बाजार राममंदिर पर आकर पालकी यात्रा में शामिल होंगी। यहां से सुबह 8:30 बजे राम मंदिर से भगवान परशुराम पालकी यात्रा निकाली जाएगी।
इस अवसर पर  डॉ जयवीर भारद्वाज, प्रकाश नारायण शर्मा, अशोक पटसारिया, डॉक्टर वंदना भूपेंद्र प्रेमी, अंजू दीक्षित, संगीता शर्मा, मुकेश शर्मा, राधा शर्मा, योगेंद्र दीक्षित, अनीता दीक्षित, रेनू शर्मा, संध्या तिवारी, सरिता त्रिपाठी, अंशिका दुबे, डॉ मुन्ना लाल शर्मा हेमंत एडिशन शर्मा, माया शर्मा, रानू शर्मा, नेहा भार्गव, चारु भार्गव आदि शामिल थे।