संविधान बचाओ रैली आतंकवाद पर हम सरकार के साथ:कांग्रेस

Apr 28 2025

ग्वालियर। देश का संविधान पूरी तरह से खतरे में है और भाजपा की सरकार तानाशाही की सरकार है। सरकारी संस्थाए मोदी के इशारे पर काम कर रही हैं और कांग्रेस के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है। प्रदेश में भ्रष्टाचार, अपराध, माफिया का राज चल रहा है और सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। यह आरोप संविधान बचाओ रैली में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकार पर लगाए। 
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर इसी तरह भाजपा ने शासन किया तो फिर देश की जनता का भरोसा लोकतंत्र से पूरी तरह से उठ जाएगा। इसलिए अब जरूरत है कि एकजुट होकर लोकतंत्र को बचाया जाए और संविधान की रक्षा की जाए। 
संविधान बचाओ रैली में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से का उबाल है। आतकंवाद व आतंकियों के खिलाफ सरकार जो भी कदम उठएगी हम उनका साथ देंगे। आतंकवाद का खात्मा हर हाल में होना चाहिए। पड़ोसी देश, की इस तरह की करतूतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगीं।
गर्मी अपने चरम पर है, लेकिन संविधान बचाओ रैली में श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना तथा ग्वालियर से करीब 10 हजार लोग शामिल हुए।
सिंधिया ने चुनी हुई सरकार गिरा दी:जीतू पटवारी 
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कहा कि उन्होंने विधायकों को दल बदलवाकर एक चुनी हुई सरकार को गिरा दिया। उन्होंने कहा था कि वह सडक़ पर उतरेंगे, क्योंकि उनका अपमान हो रहा है। उन्होंने इसे संविधान पर आघात बताया और आपके दिए हुए वोट को चुनौती दी। अगर यह संविधान खतरे में नहीं था, तो फिर और क्या था?
पटवारी ने कहा, आज वही ज्योतिरादित्य सिंधिया देश में मंत्री बने हुए हैं। उन्हें संविधान ने ही वह पद दिया है। जिस प्रकार संविधान उन्हें मंत्री बनने का अधिकार देता है, उसी प्रकार यही संविधान आपको भी आपकी संपत्ति, आपका मकान, आपकी दुकान, आपकी जमीन और आपकी जायदाद पर अधिकार देता है। इसलिए, उस पर मालिकाना हक आपका है, और यह अधिकार भी आपको संविधान से ही प्राप्त हुआ है।
लेकिन आज, उसी संविधान की ताकत के बल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया मोतीमहल की जमीन को अपने अधिकार में लेना चाहते हैं। यह ताकत भी उन्हें संविधान ने ही दी है। यह भी संविधान की ही शक्ति है कि आप गरीबों की जमीन जो सरकार की थी उसे भी छीन रहे हैं। अगर यह संविधान न होता, तो मैं मानता हूं कि हमें यह संघर्ष करने और सभा करने की अनुमति भी नहीं मिलती।
रैली से पहले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई, संविधान बनाने में भूमिका निभाई, इसलिए उसकी रक्षा करना भी कांग्रेस की जिम्मेदारी है। पटवारी ने कहा, आज जब संविधान पर हमले हो रहे हैं, तो राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खडग़े के नेतृत्व में कांग्रेस इसका सबसे बड़ा संघर्ष कर रही है। देश में गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, जो साफ संकेत है कि संविधान खतरे में है।
कांग्रेस ने फैसला किया है कि 30 अप्रैल तक पूरे देश में संविधान बचाओ रैलियां आयोजित की जाएगी। मध्यप्रदेश में इस अभियान की शुरुआत ग्वालियर से हो रही है। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से रैलियां और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। इसी क्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
अब मैं कभी मंच पर नहीं बैठूंगा: दिग्विजय
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह अब कभी मंच पर नहीं बैठेंगे। मंच के नीचे बैठेंगे। जब उनके बोलने की बारी आएगी, तभी वो मंच पर चढ़ेंगे। दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं से मंच की लड़ाई खत्म करने की अपील की है।
दिग्विजय सिंह सोमवार को ग्वालियर के फूलबाग में कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजय सिंह ने कहा- मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि मंच की लड़ाई समाप्त करें। आपसे अनुरोध करता हूं कि मैं अब कांग्रेस या किसी भी मंच पर नहीं बैठूंगा। मैं नीचे बैठ जाऊंगा। बस इतना अनुरोध है कि जब बोलने का अवसर आए, तब मुझे बुला लिया जाए। कृपया मंच की लड़ाई को समाप्त कर दीजिए।
दरअसल, ग्वालियर में हुए कांग्रेस के इस कार्यक्रम में करीब 4 से 5 हजार नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच पर बैठने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में विवाद हुआ। जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने मंच से ही ये बातें कहीं।
संविधान बचाओ रैली में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, राकेश चौधरी, अरुण यादव, भगवान सिंह यादव, केपी सिंह, गोविंद सिंह, कुणाल चौधरी, बाला बच्चन, पीसी शर्मा, शहर अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष प्रभुदयाल जौहरी, विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार, साहब सिंह राजे, महापौर शोभा सिकरवार, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक, लाखन सिंह, कांग्रेस नेता बालेन्दु शुक्ला, महाराज सिंह पटेल, सुनील शर्मा, वीर सिंह तोमर, सुरेन्द्र यादव सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल हैं।