आतंकवाद का भी धर्म होता है, वह है इस्लाम:अविमुक्तेश्वरानंद

Apr 25 2025

ग्वालियर। अल्प प्रवास पर ग्वालियर आए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रामबाग कॉलोनी में पत्रकारों से रूबरू होते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकवाद की घटना दुखद है। अब तो मान लो कि आतंकवाद का भी धर्म होता है। जिस तरह आतंकियों ने एक-एक का धर्म पूछकर उन्हें मारा, उससे यही साबित होता है कि आतंकवाद का एक ही धर्म है, जिसका नाम है, इस्लाम।
रामबाग कॉलोनी स्थित सूर्यकांत शर्मा के निवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले ने हम ने अपने 26 लोगों की जान गंवा दी, जिसमें एक वो मुस्लिम गाइड भी शामिल हैं जिसने टूरिस्टों की जान बचाने के चक्कर में अपनी जान गंवा दी, इससे यह साबित होता है कि कश्मीरियत तो सुरक्षित है, लेकिन ये कश्मीर और केंद्र सरकार की बड़ी असफलता है। धारा 370 हटाने के बाद यह कहा गया कि कश्मीर अब सुरक्षित है, लेकिन पहलगाम हमले ने यह बात झुठला दी।
चूक करने वाले जिम्मेदारों को भी मिले सख्त सजा
उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले का बदला लिया जाना चाहिए और 26 लोगों की जान लेने वाले आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जिन लोगों की चूक की वजह से यह घटना हुई, उनको भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। सरकार उनकी खोज कर उन्हें सजा दे। विडंबना यह है कि सरकार आपदा में अवसर खोज रही है। घटना के पांच मिनट बाद ही पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरा दिया गया। सरकार के पास क्या सबूत है कि घटना में पाकिस्तान का हाथ है।
शंकाराचार्य ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने देश के लोगों की सुरक्षा करे, लेकिन सरकार जब इस काम में विफल हो रही है। सनातन धर्म के लोगों को अब नया विकल्प खोजना होगा। हिंदुओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद आगे आना होगा। इसके लिए हिंदुओं को शास्त्र के साथ शस्त्र का भी प्रशिक्षण लेना होगा। उन्होंने कहा कि अब यदि हिंदू खड़ा नहीं हुआ तो 2048 तक वे देश पर छा जाएंगे। 
वहीं हिंदू ग्राम बनाने की पहल पर शंकाराचार्य ने कहा कि हिंदू ग्राम के जवाब में वे मुस्लिम गांव बनाएंगे। उन्होंने उलट सवाल करते हुए कहा कि हिंदू गांवों में क्या वे हिंदू रहेंगे जो गायों को कटते हुए देखकर शांत हैं।
इस दौरान शंकराचार्य ने रूह आफजा को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस को लेकर साफ किया कि सबसे शुद्ध घर का खानपान है। उन्होंने कहा कि मुसलमान जब तक वे खाद्य पदार्थ में थूक न दें, तब तक उसे खाने योग्य नहीं मानते हैं।
शंकराचार्य ने बताया कि गौरक्षा के मामले में सरकार की विफलता के बाद हमने देश की 4 हजार 123 विधानसभा में रामाधाम बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें शुद्ध देशी नस्ल की गायों का पोषण किया जाएगा। ग्वालियर की आठ विधानसभाओं में भी यह रामाधाम बनाए जाएंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि देश में मौजूद 3 हजार 600 बूचडख़ानों को हम नोटिस भेजेंगे कि गाय को मत काटा। किसी भी हालत में हम गायों को कटने से बचाएंगे।