आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण ने विचार मंथन का किया शुभारंभ

Apr 20 2025

ग्वालियर। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित समरस विचार मंथन का शुभारंभ करते हुए अयोध्या सिद्धपीठ हनुमत्रिवास के आचार्य स्वामी मिथिलेशनंदिनी शरण ने कहा कि हिंदू समाज की समरस सनातन परंपराएं ही समाज में शांति का आधार है। उन्होंने कहा कि आज हमारी परंपराओं को तोडने के जो प्रयास हो रहे हैं, उनसे सजग रहने और ऐसे लोगों को उसका जवाब देने की जरुरत है।
प्रज्ञा प्रवाह मध्यभारत प्रांत पुरुषार्थ सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित समरस विचार मंथन कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आचार्य स्वामी मिथिलेशनंदिनी शरण ने कहा कि हिंदू समाज की समरस परंपरा हमारे ऋषि-मुनियों की देन हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंब की बात करने वाले इस समाज का दृष्टिकोण व्यापक है। यहां संकीर्णता नहीं है, बल्कि समग्रता है। कुछ ताकतें जो कि जिन्हें न तो देश की प्रगति पसंद है और न ही समाज में समरसता पसंद हैं, वे लगातार इस समरसता को छिन्न-भिन्न करने के षड्यंत्र करती रहती है। कभी हिंदू त्योहारों को लेकर ये लोग हमेंशा ही अनर्गल प्रलाप करते हैं और समाज में भ्रम फैलाने का कार्य करते हैं। मंच पर विधायक चिंतामण मालवीय, मोहन नारायण, शांतनु गुप्ता उपस्थित थे।