तंबाकू छोडऩे से आधे रह जाएंगे हार्ट अटैक:डॉ. जमाल

Apr 19 2025

ग्वालियर। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. युसूफ जमाल ने कहा है कि अगर लोग धूम्रपान करना छोड़ दें और तंबाकू खाना बंद कर दे तो 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामले कम किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा धूम्रपान करने वाला व्यक्ति खुद को तो खतरे में डालता ही है वहीं अपने आस-पास के लोगों को भी खतरे के दायरे में ले आता है।
सिंधु वेलफेयर सोसायटी द्वारा चेंबर ऑफ कॉमर्स के सभागार में सीपीआर कैसे दिया जाता है इसका प्रशिक्षण देते हुए उन्होंने यह बात कही। डॉ. युसूफ ने इस दौरान लोगों के सवालों के जवाब में कहा कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए खान-पान पर ध्यान देने के साथ ही अगर चलने फिरने में छाती में भारीपन महसूस हो तो तत्काल जांच कराना चाहिए। उन्होंने खान-पान को लेकर कहा कि दाल, रोटी चावल जैसे चाहे खा सकते हैं लेकिन खाने में उपयोग होने वाले तेल को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। एक ही प्रकार का तेल उपयोग में नहीं लाना चाहिए।
इसके अलावा रोटी को घी से चुपडके नहीं खाना चाहिए। दूध से बनें पदार्थो में पनीर और अन्य पदार्थों का भोजन में अधिक उपयोग भी इसकी संभावना को बढ़ाता है। दूध का उपयोग मलाई को हटाके कर सकते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि एल्कोहल तो 30 एमएल भी नहीं चलेगा। नए शोधों से यह सिद्ध हुआ है कि एल्कोहल का उपयोग भी अच्छा नहीं है। इसलिए इससे बचना ही चाहिए। उन्होंने हाल ही में शादी समारोह या अन्य समारोहों में अचानक गिरकर हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटनाएं हैं।
अटैक के बाद पहले दो घंटे महत्वपूर्ण
डॉ. जमाल युसूफ ने कहा कि यदि किसी को अटैक आता है और वह बेहोश हो जाता है, या किसी कारण से वह बेहोश हो जाता है तब उसे तत्काल ही सीपीआर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि किस तरह से सीपीआर दिया जाता है। उन्होंने प्रयोग के जरिए सीपीआर देने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक एंबुलेंस नहीं आती है और बेहोश व्यक्ति में कोई संभावना नजर आती है तब तक उसे सीपीआर देते रहना चाहिए। 
उन्होंने बताया कि शहर में कम से कम 15 प्रतिशत लोगों को सीपीआर देना आना चाहिए। जो लोग सीपीआर देना सीख गए हैं उन्हें इसके बारे में अन्य लोगों को प्रशिक्षण देना चाहिए जिससे हम अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर सकते हैं। यदि ऐसा कर सकते हैं तो इससे काफी संख्या में लोगों को हार्ट अटैक से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भीष्म जैसवानी ने किया तथा आभार डॉ. दीपक माखीजानी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर चेंबर अध्यक्ष डॉ प्रवीण अग्रवाल, पीतांबर लोकवानी, डॉ. रमेश पंजवानी, अशोक वाधवानी, डॉ. दीपक माखीजानी, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. अशोक मिश्रा, डॉ प्रशांत लहारिया, डॉ. राहुल सप्रा सहित संस्था के पदाधिकारी एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।