एचडीएफसी बैंक परिवर्तन ने ग्रामीण विकास पहल के तहत 298 सीमावर्ती गांवों को कवर किया

Apr 17 2025

ग्वालियर। भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक ने अपनी सीएसआर शाखा परिवर्तन के तहत देश भर में 298 सीमावर्ती गांवों को अपने ग्रामीण विकास पहल के तहत कवर किया है। गांवों के ये समूह असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित हैं। बैंक की योजना आने वाले वर्षों में 150 अतिरिक्त सीमावर्ती गांवों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की है। ये पहल केंद्र के बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम  और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में उल्लिखित राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के साथ संरेखित हैं। उत्तरी और पूर्वोत्तर हिमालयी क्षेत्रों और पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों के साथ सीमावर्ती क्षेत्र के गाँव अक्सर कठिन भूभाग, आवश्यक सेवाओं तक सीमित पहुँच और अपने दूरस्थ स्थानों के कारण आर्थिक कमज़ोरियों सहित अनूठी चुनौतियों से जूझते हैं। परिवर्तन ने लक्षित आवश्यकता-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से इन क्षेत्रों में लगभग पाँच लाख व्यक्तियों के जीवन को प्रभावित किया है।
एचडीएफसी बैंक के कैजाद भरूचा ने कहा, हम प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा, बेहतर कृषि उत्पादकता, नवीकरणीय ऊर्जा और आजीविका के अवसरों तक पहुँच प्रदान करके भारत के सीमावर्ती गाँवों में सार्थक प्रभाव पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाकर, हम स्थानीय समुदायों, गैर सरकारी संगठनों और सरकारी निकायों के साथ मिलकर मजबूत, आत्मनिर्भर और जीवंत समुदाय बनाने के लिए सहयोग करते हैं जो भारत के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने में योगदान करते हैं।
एचडीएफसी बैंक के नुसरत पठान ने कहा, ग्रामीण विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण न केवल वांछनीय है, बल्कि  खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में  अति आवश्यक है। हम सुनिश्चित करते हैं कि एक क्षेत्र में प्रगति दूसरों में सकारात्मक परिणामों को सुदृढ़ और बढ़ाए, जिससे हमारे हस्तक्षेपों का प्रभाव अधिकतम हो।